छत्तीसगढ़

जांजगीर-चांपा पुलिस को मिला आधुनिक फॉरेंसिक प्रशिक्षण, फिंगरप्रिंट तकनीक से सुदृढ़ होगी अपराध विवेचना

जांजगीर-चांपा। जिले में अपराधों की वैज्ञानिक और प्रभावी जांच को मजबूत बनाने की दिशा में जांजगीर-चांपा पुलिस ने एक अहम पहल की है। पुलिस अधीक्षक श्री विजय कुमार पाण्डेय (IPS) के निर्देशन में 16 जून 2026 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभा कक्ष में फिंगरप्रिंट प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

इस प्रशिक्षण में बिलासपुर रेंज की फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट श्रीमती विद्या जौहर ने जिले के पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को आधुनिक फॉरेंसिक तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम में मिनी फिंगरप्रिंट डेवलपिंग किट, NAFIS (नेशनल ऑटोमेटेड फिंगरप्रिंट आइडेंटिफिकेशन सिस्टम) और MCU के उपयोग पर व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया गया।

प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने बताया कि घटनास्थल पर छिपे फिंगरप्रिंट साक्ष्यों की पहचान, उनका वैज्ञानिक तरीके से संकलन, संरक्षण और विश्लेषण अपराधियों की पहचान स्थापित करने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये साक्ष्य न्यायालय में भी मजबूत प्रमाण के रूप में प्रस्तुत किए जा सकते हैं।

कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री उमेश कुमार कश्यप विशेष रूप से उपस्थित रहे। जिले के विभिन्न थाना और चौकियों से आए उप निरीक्षक, अधिकारी और कर्मचारियों ने प्रशिक्षण में उत्साहपूर्वक भाग लिया।

इस दौरान NAFIS प्रणाली के जरिए देशभर के फिंगरप्रिंट डाटाबेस से त्वरित पहचान की प्रक्रिया को समझाया गया। साथ ही मिनी फिंगरप्रिंट किट के माध्यम से घटनास्थल पर छिपे साक्ष्यों को विकसित करने का लाइव प्रदर्शन भी किया गया।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार कश्यप ने कहा कि वर्तमान समय में अपराध विवेचना में वैज्ञानिक साक्ष्यों का महत्व लगातार बढ़ रहा है। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम पुलिस की कार्यकुशलता को बढ़ाते हैं और अपराधों के शीघ्र निराकरण में सहायक सिद्ध होते हैं।

जिला पुलिस जांजगीर-चांपा द्वारा आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक अनुसंधान पद्धतियों को अपनाकर अपराध नियंत्रण को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

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