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आधी सड़क, पूरा गुस्सा! अफरीद पहुंच मार्ग पर अधूरे काम से भड़के ग्रामीण

 

ओपी राठौर/अफरीद। लंबे इंतज़ार के बाद आखिरकार अफरीद पहुंच मार्ग पर सड़क निर्माण कार्य शुरू तो हुआ, लेकिन शुरुआत के साथ ही विवाद भी खड़ा हो गया है। दो वर्षों से जर्जर पड़ी इस सड़क की हालत ने ग्रामीणों को पहले ही परेशान कर रखा था, और अब अधूरे निर्माण ने उनके गुस्से को और भड़का दिया है।
ग्राम अफरीद को बिर्रा मुख्य मार्ग से जोड़ने वाली यह सड़क मुड़पार, पचोरी, चोरिया, सरवानी समेत दर्जनों गांवों के लिए जीवन रेखा है। रोज़ाना सैकड़ों लोग इसी मार्ग से आवागमन करते हैं। बारिश हो या गर्मी, खराब सड़क ने हर मौसम में लोगों की मुश्किलें बढ़ाई हैं।
ग्रामीणों की लगातार मांग और दबाव के बाद विभाग ने करीब 2 किलोमीटर लंबी सड़क पर काम शुरू किया, लेकिन हैरानी की बात यह है कि केवल 1 किलोमीटर हिस्से में ही निर्माण किया जा रहा है। बाकी सड़क को जस का तस छोड़ दिया गया है, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है।

*बताया जा रहा है कि चांपा के एक ठेकेदार (मित्तल) को इस कार्य का जिम्मा सौंपा गया है। वर्तमान में बिर्रा मुख्य मार्ग से अरविंद इंडस्ट्रीज तक सड़क को उखाड़कर निर्माण किया जा रहा है, जबकि आगे का हिस्सा केवल डामर चटाकर छोड़ दिया गया है।

*अधूरे विकास पर भड़का गांव*

ग्रामीणों का कहना है कि यह “आधा-अधूरा विकास” किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उनका साफ कहना है कि जब पूरी सड़क खराब है, तो निर्माण भी पूरा होना चाहिए।

स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पूरे मार्ग का निर्माण नहीं किया गया, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। अब सवाल यह है — क्या प्रशासन ग्रामीणों की परेशानी समझेगा या अधूरी सड़क ही विकास का नया पैमाना बनेगी?

 

 

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