वेदांता पावर प्लांट हादसा अपडेट: 24 मौतों के बाद मुआवजे का सिलसिला शुरू, उच्च स्तरीय जांच तेज

सक्ती। जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण हादसे के बाद अब मुआवजे का वितरण शुरू कर दिया गया है। प्रबंधन का दावा है कि हादसे में जान गंवाने वाले 24 मजदूरों में से 21 के परिजनों को मुआवजा राशि दी जा चुकी है, जबकि शेष परिवारों को भी जल्द भुगतान किए जाने की बात कही जा रही है। वहीं घायल मजदूरों को भी आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।
14 अप्रैल को हुआ था दर्दनाक हादसा
गौरतलब है कि 14 अप्रैल को प्लांट के बॉयलर पाइप में अचानक ब्लास्ट हो गया था, जिसकी चपेट में आकर 35 मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इनमें से 24 मजदूरों की अब तक मौत हो चुकी है। कई घायलों का उपचार विभिन्न अस्पतालों में जारी है, जबकि कुछ मजदूरों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है।
मृतकों के परिजनों को 35-35 लाख और नौकरी का आश्वासन
वेदांता प्रबंधन ने मृतक मजदूरों के परिजनों को 35-35 लाख रुपए मुआवजा और एक सदस्य को नौकरी देने की घोषणा की है। वहीं घायलों को 15-15 लाख रुपए सहायता राशि देने की बात कही गई है।
सरकार और पीएम राहत कोष से भी सहायता
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मृतकों के परिवारों को 5-5 लाख रुपए और घायलों को 50-50 हजार रुपए देने की घोषणा की है। इसके अलावा प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से भी मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख और घायलों को 50-50 हजार रुपए देने की घोषणा की गई है।
उच्च स्तरीय जांच शुरू, आमजन से मांगे साक्ष्य
हादसे की गंभीरता को देखते हुए बिलासपुर संभाग आयुक्त को जांच अधिकारी नियुक्त कर उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी गई है। जांच को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए प्रत्यक्षदर्शियों और आमजन से भी साक्ष्य व दस्तावेज मांगे गए हैं।
आयुक्त सुनील जैन ने बताया कि इच्छुक व्यक्ति 29 अप्रैल को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक आयुक्त कार्यालय, बिलासपुर में उपस्थित होकर अपने तथ्य प्रस्तुत कर सकते हैं।
दोषियों पर होगी कार्रवाई, भविष्य में रोकथाम पर जोर
प्रशासन का कहना है कि जांच का उद्देश्य दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाना, जिम्मेदारों को चिन्हित कर कार्रवाई करना और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना है।






