राहुल-अखिलेश के साथ मिलकर UP में करेंगे धमाल!

लोकसभा चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी को आतंकवादी पार्टी कहने पर मायावती ने बिफर कर, आकाश आनंद को अपरिपक्व क़रार देते हुए हटा दिया था। हालाँकि चुनावों में आकाश के तेवरों से बहुजन समाज पार्टी का कार्यकर्ता बेहद उत्साहित था।
बहुजन समाज पार्टी के क़रीबी माने जाने वाले नेता और अफ़सर एक एक करके भारतीय जनता पार्टी के साथ जुड़ते चले गए आकाश और मायावती के भतीजे आनंद सभी नेताओं और बसपा की मानसिकता वाले अफ़सरों के बीच में समन्वय का काम करते थे।
चंद्रशेखर रावण ने बसपा के गढ़ में ही दी मात
बहुजन समाज पार्टी का गढ़ माना जाने वाला नगीना भी इस बार हाथ से निकल गया। यहाँ से मायावती के विकल्प के तौर पर उभर रहे आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) के चंद्रशेखर आजाद रावण ने 1 लाख 51 हजार वोटों से जीत हासिल की अपने घर में ही बहुजन समाज पार्टी के सुरेंद्र पाल सिंह 13,272 वोट लेकर चौथे स्थान पर रहे।
बसपा के आकाश
राजनीति में आकाश आनंद की शुरुआत नेशनल कॉर्डिनेटर के पद से हुई थी।
10 दिसंबर 2023 को उन्हें मायावती ने अपना उत्तराधिकारी बना दिया था।
- 7 मई 2024 को मायावती ने आकाश आनंद को ना सिर्फ़ नेशनल कॉर्डिनेटर के पद से, बल्कि उत्तराधिकारी के पद से भी हटा दिया।
एक दशक में बेहद कमज़ोर हुई बहुजन समाज पार्टी, 2024 में वोट बैंक में भी भारी गिरावट
2014 के लोकसभा चुनाव में बीएसपी का खाता नहीं खुला था, लेकिन विधानसभा में बसपा के 19 विधायक थे।
2019 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के गठबंधन के साथ बसपा ने लोकसभा की दस सीटें जीत लीं।
2022 के यूपी विधानसभा चुनाव में बसपा का सिर्फ़ एक विधायक चुनाव जीता।
2024 में लोकसभा में बसपा कोई सीट ना जीत सकी।






