HDFC बैंक का बड़ा फैसला:
छोटे भुगतान पर UPI ट्रांजैक्शन सुविधा होगी बंद

HDFC Bank UPI: देश में यूपीआई पेमेंट (UPI Payment) का इस्तेमाल बढ़ता जा रहा है। रोजमर्रा का सामान खरीदना हो या फिर किसी को पैसे भेजने हो हर जगह यूपीआई हमारी मदद करता है। HDFC बैंक 25 जून से 100 रुपये से कम के UPI लेनदेन के लिए SMS अलर्ट बंद कर देगा। इसका मतलब है कि ग्राहकों को केवल इस राशि से अधिक के लेनदेन के लिए या UPI के माध्यम से 500 रुपये से अधिक प्राप्त करने पर ही टेक्स्ट नोटिफिकेशन प्राप्त होगा। हालांकि, सभी लेन-देन के लिए e-mail अलर्ट भेजे जाते रहेंगे। बड़ी मात्रा में SMS संदेश भेजने की लागत बढ़ती जा रही है, तथा UPI लेनदेन की उच्च मात्रा को देखते हुए बैंक प्रतिदिन कुछ करोड़ रुपये खर्च कर रहे हैं, जो औसतन प्रतिदिन लगभग 40 करोड़ रुपये है। HDFC बैंक ने ग्राहकों को सलाह दी है कि वे सभी लेनदेन की सूचना प्राप्त करने के लिए अपने प्राथमिक e-mail को अपडेट रखें। UPI लेनदेन का औसत मूल्य घट रहा है। ये छोटे और लगातार भुगतानों में वृद्धि को दर्शाता है।
HDFC ने क्यों लिया ये डिसीजन?
बैंकिंग रेगुलेशन के तहत 5,000 रुपये से ज्यादा के प्रत्येक ट्रांजैक्शन के लिए टेक्स्ट मैसेज की जरूरत होती है। इसके बावजूद, बहुत से बैंक लो-वैल्यू के डेबिट के लिए भी मैसेज भेजते हैं। बल्क SMS मैसेज की कीमत 0.01-0.03 रुपये प्रति एसएमएस होती है। UPI ट्रांजैक्शन का दैनिक औसत लगभग 40 करोड़ है, जबकि बैंक हर दिन टेक्स्ट मैसेज अलर्ट पर कई करोड़ खर्च करते हैं>
साल 2016 में शुरू हुई थी UPI की शुरूआत
यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) एक रियल टाइम पेमेंट सिस्टम है। साल 2016 में यूपीआई पेमेंट सिस्टम की शुरूआत हुई थी। बता दें कि UPI सिस्टम को नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ऑपरेट करती है।






