किसान सम्मान निधि से वंचित अफरीद का किसान जेब खाली, अधिकारी चुप—किस्तें रुकीं तो दर-दर भटकने को मजबूर हरनारायण राठौर”
कृषि विभाग के अधिकारी नहीं ले रहे सुध कलेक्टर जनदर्शन में जाने की तैयारी

बम्हनीडीह। बम्हनीडीह ब्लॉक के ग्राम अफरीद निवासी किसान हरनारायण राठौर पिछले कई महीनों से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ न मिलने से बेहद परेशान हैं। योजना की शुरुआत में उनके खाते में कुछ किश्तें नियमित रूप से आई थीं, लेकिन अब पिछले कई चक्रों से राशि का भुगतान बंद हो गया है। किसान का कहना है कि वह लगातार कृषि विभाग के कार्यालय के चक्कर लगा रहा है, मगर समस्या का समाधान नहीं हो रहा।
हरनारायण राठौर ने बताया कि विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों से मिलने पर उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं दी जाती। “कभी कहते हैं आधार लिंक कराओ, कभी ई-केवाईसी, तो कभी बैंक से जानकारी लाओ… लेकिन असली कारण कोई नहीं बताता,” किसान ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा। उन्होंने बताया कि वे कई बार दस्तावेज लेकर विभाग पहुंचे, परन्तु हर बार बिना समाधान के वापस भेज दिया गया।
किसान ने आरोप लगाया कि अधिकारी उन्हें सिर्फ आश्वासन देकर लौटा देते हैं। “कथा–कहानी सुनाकर घर भेज देते हैं, लेकिन मेरी समस्या वहीं की वहीं है,” उन्होंने दुख व्यक्त किया। भुगतान बंद होने से किसान की आर्थिक स्थिति पर भी असर पड़ रहा है। रबी सीजन की तैयारी के बीच आर्थिक सहायता न मिलने से खेती संबंधी खर्चों को पूरा करना भी चुनौती बन गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि विभाग के अधिकारियों को किसानों की समस्याओं पर संवेदनशीलता से ध्यान देना चाहिए। किसान सम्मान निधि जैसी महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य किसानों को राहत देना है, लेकिन तकनीकी या प्रशासनिक लापरवाही के कारण यदि पात्र किसान भी लाभ से वंचित रहें तो योजना का मूल उद्देश्य ही प्रभावित होता है।
किसान हरनारायण राठौर ने शासन-प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर समाधान की मांग की है, ताकि उन्हें फिर से योजना के तहत मिलने वाली किस्तों का लाभ प्राप्त हो सके।






