छत्तीसगढ़

हिंसक झड़प: महिला टीआई पर पथराव, गंभीर हालत; पुलिस वाहन और जिंदल की बस फूंकी

रायगढ़, 27 दिसंबर 2025। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के तमनार क्षेत्र में शनिवार को उस समय हालात बेकाबू हो गए, जब जिंदल समूह को कोल ब्लॉक आवंटन के विरोध में चल रहे धरने को हटाने पहुंची पुलिस और ग्रामीणों के बीच हिंसक झड़प हो गई। सीएचपी चौक पर पथराव, आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाओं में टीआई कमला पुसांग गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है।

जानकारी के अनुसार, तमनार क्षेत्र में पिछले करीब 15 दिनों से ग्रामीण जिंदल समूह को प्रस्तावित कोल ब्लॉक आवंटन के विरोध में धरना दे रहे थे। ग्रामीणों की मांग है कि परियोजना को लेकर होने वाली जनसुनवाई को तत्काल निरस्त किया जाए, क्योंकि इससे पर्यावरण को भारी नुकसान और बड़े पैमाने पर विस्थापन का खतरा है।

शनिवार को जब पुलिस धरना हटाने के लिए मौके पर पहुंची, तो पहले ग्रामीणों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई। इसी दौरान एक सड़क हादसे में एक ग्रामीण के घायल होने की खबर आई, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया। आरोप है कि इसके बाद गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। पथराव में टीआई कमला पुसांग को गंभीर चोटें आईं।

हंगामा बढ़ने पर ग्रामीणों ने पुलिस की एक जीप को आग के हवाले कर दिया, वहीं जिंदल समूह की एक बस में भी तोड़फोड़ कर आग लगा दी गई। आगजनी और हिंसा के चलते इलाके में अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इस दौरान एक ट्रक चालक को ग्रामीणों ने पकड़कर बांध दिया और उसकी पिटाई भी की, हालांकि बाद में पुलिस ने हस्तक्षेप कर स्थिति को आंशिक रूप से संभाला।

स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए प्रशासन ने आसपास के थानों से अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है। पुलिस और प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना आवश्यक था, लेकिन हालात अचानक बिगड़ गए। पथराव और आगजनी में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

वहीं ग्रामीणों का आरोप है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे थे, लेकिन पुलिस द्वारा जबरन हटाने की कोशिश से हालात बिगड़े। उनका कहना है कि कोल ब्लॉक परियोजना से जंगल, जमीन और जलस्रोत प्रभावित होंगे और सैकड़ों परिवारों का विस्थापन होगा। इसी आशंका के चलते वे जनसुनवाई का विरोध कर रहे हैं।

Related Articles

Back to top button