छत्तीसगढ़

किराए पर जेसीबी-हाइवा लेकर फरार होने वाले अंतरराज्यीय ठग गिरोह का पर्दाफाश, 5 आरोपी गिरफ्तार

जांजगीर-चांपा। किराए पर भारी वाहन लेकर फरार होने और उन्हें दूसरे राज्यों में बेचकर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का जांजगीर-चांपा पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह के मास्टरमाइंड समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से दो जेसीबी, एक हाइवा, एक टाटा सफारी, महंगा मोबाइल और मोटरसाइकिल सहित लाखों रुपये की संपत्ति बरामद की है।

पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार कश्यप के मार्गदर्शन में की गई कार्रवाई में खुलासा हुआ कि गिरोह पिछले तीन वर्षों से छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश में इसी तरह की ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहा था।

मामले की शुरुआत तब हुई जब अकलतरा थाना क्षेत्र के पिपरसत्ती निवासी प्रदीप कुमार कोसले ने अपनी जेसीबी किराए पर देने के बाद उसके साथ ठगी होने की शिकायत दर्ज कराई। आरोपियों ने किराया और अग्रिम भुगतान का झांसा देकर वाहन लिया और बाद में मोबाइल बंद कर फरार हो गए। जांच के दौरान जीपीएस की अंतिम लोकेशन जबलपुर में मिली, जिसके बाद पुलिस ने मामले की गहन पड़ताल शुरू की।

पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे किरायानामा या खरीद-बिक्री के नाम पर वाहन लेकर उन्हें दूसरे राज्यों में बेच देते थे और पहचान छिपाने के लिए नंबर भी बदल देते थे। जांच में कई अन्य वाहनों की ठगी के मामले भी सामने आए।

गिरफ्तार आरोपियों में तीरथराज कुर्रे, राहुल खांडे, सन्नी लाल पाटले, शिवम जायसवाल और गिरोह का मास्टरमाइंड भरत गुप्ता शामिल हैं। भरत गुप्ता को चित्रकूट और जबलपुर क्षेत्र में कार्रवाई कर गिरफ्तार किया गया।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो जेसीबी, एक हाइवा, टाटा सफारी, सैमसंग गैलेक्सी एस-24 अल्ट्रा मोबाइल और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद की है। पुलिस ने वाहन मालिकों से किराए पर वाहन देने से पहले किरायेदार का सत्यापन कराने और जीपीएस सिस्टम सक्रिय रखने की अपील की है।

इस कार्रवाई में निरीक्षक भास्कर शर्मा, प्रधान आरक्षक स्वाति गिरोलकर तथा पुलिस टीम के अन्य सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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