छत्तीसगढ़

धर्मांतरण और मानव तस्करी केस में राहत: दुर्ग जेल में बंद दोनों ननों को हाई कोर्ट से मिली जमानत

रायपुर/बिलासपुर, 2 अगस्त 2025। छत्तीसगढ़ में चर्चित धर्मांतरण और मानव तस्करी के मामले में एक बड़ा मोड़ सामने आया है। इस केस में दुर्ग जेल में बंद दोनों ननों को हाई कोर्ट से जमानत मिल गई है। हाई कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जमानत अर्जी को मंजूरी दी।

ह्यूमन ट्रैफिकिंग के आरोपों के तहत गिरफ्तार की गईं इन दोनों ननों के मामले की सुनवाई शुक्रवार को बिलासपुर स्थित NIA कोर्ट में हुई। सुनवाई के दौरान पीड़ित पक्ष ने विस्तृत दलीलें रखीं, जिसके बाद NIA कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। शनिवार को जज सिराजुद्दीन कुरैशी ने इस पर अपना फैसला सुनाते हुए दोनों ननों को जमानत प्रदान की।

गौरतलब है कि मानव तस्करी एक संगठित अपराध है, जिसमें लालच, धोखे या बलपूर्वक लोगों को उनके मूल स्थान से दूर ले जाकर उनका शोषण किया जाता है। इसमें यौन शोषण, जबरन मजदूरी, अवैध अंग व्यापार और जबरदस्ती शादी जैसे अपराध शामिल हैं। यह अपराध गैर-जमानती की श्रेणी में आता है, और खासकर महिलाओं एवं बच्चों से जुड़ी घटनाओं में एफआईआर के साथ ही तत्काल गिरफ्तारी का प्रावधान होता है।

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