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जहां नाटक बना परंपरा: अफरीद में 30 ,31 जनवरी को कंस दरबार देखने उमड़ेगा जनसैलाब

मेले की तैयारियों में जुटी आयोजन समिति

*जांजगीर* …जांजगीर-चांपा जिले के बम्हनीडीह विकासखंड अंतर्गत ग्राम अफरीद में एक बार फिर सांस्कृतिक परंपरा जीवंत होने जा रही है। यहां 30 एवं 31 जनवरी को बहुप्रतीक्षित प्राचीन नाटक “कंस का दरबार” का मंचन किया जाएगा। इस आयोजन को लेकर ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। नाटक की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसे देखने आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में दर्शक अफरीद पहुंचते हैं।
ग्राम अफरीद में आयोजित यह नाट्य रूपांतरण वर्षों से सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक रहा है। प्राचीन कथानक पर आधारित यह नाटक जहां एक ओर धार्मिक और ऐतिहासिक संदेश देता है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण लोककला को जीवंत बनाए रखने का कार्य भी करता है।
नागलीला और तीन दिवसीय मड़ाई मेला भी होगा आकर्षण का केंद्र
नाट्य आयोजन के साथ-साथ इस अवसर पर नागलीला का मंचन एवं तीन दिवसीय मड़ाई मेला भी आयोजित किया जाएगा। मेला क्षेत्र में पारंपरिक झूले, खानपान की दुकानें और ग्रामीण हस्तशिल्प लोगों के आकर्षण का केंद्र रहेंगे। मड़ाई मेला ग्रामीण संस्कृति और सामाजिक समरसता को और मजबूती प्रदान करेगा।

*आधुनिक कलाकारों की प्रस्तुति से सजेगी सांस्कृतिक संध्या**

प्राचीन नाटक के साथ-साथ आधुनिकता का भी सुंदर समावेश देखने को मिलेगा। छत्तीसगढ़ एवं मध्यप्रदेश से आमंत्रित लोक कलाकारों एवं सांस्कृतिक दलों द्वारा रंगारंग प्रस्तुतियां दी जाएंगी, जो दर्शकों का भरपूर मनोरंजन करेंगी।
तैयारियों में जुटी आयोजन समिति
श्री कृष्ण नाट्य कला मंच एवं मेला महोत्सव समिति द्वारा आयोजन को भव्य और सफल बनाने हेतु तैयारियां प्रारंभ कर दी गई हैं। मंच, प्रकाश, ध्वनि और दर्शक व्यवस्था को लेकर समिति सक्रिय रूप से कार्य कर रही है।
ग्रामवासियों का कहना है कि यह आयोजन न केवल मनोरंजन का साधन है, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का सशक्त माध्यम भी है। अफरीद में आयोजित यह नाट्य और मेला महोत्सव एक बार फिर क्षेत्रीय संस्कृति की छाप छोड़ने को तैयार है।

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