चांपा थाने की हिरासत में युवक की मौत से उठे सवाल, परिजनों ने लगाया मारपीट का आरोप; थाने का घेराव

जांजगीर-चांपा/चांपा। चांपा थाने की हिरासत में लिए गए 35 वर्षीय युवक शिव सहीस उर्फ मनीराम सहीस की जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। युवक की मौत की खबर मिलते ही आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने चांपा थाने का घेराव कर दिया। परिजनों ने हिरासत के दौरान युवक के साथ मारपीट किए जाने का गंभीर आरोप लगाया है।
जानकारी के अनुसार, चांपा के मेहंदीपारा निवासी शिव सहीस को बुधवार दोपहर पुलिस उसके घर से कथित रूप से 20 लीटर अवैध देशी शराब के साथ हिरासत में लेकर चांपा थाने लाई थी। देर रात करीब 10 बजे थाने में उसकी तबीयत अचानक बिगड़ने की बात सामने आई।
पुलिस का कहना है कि युवक को मिर्गी का दौरा पड़ा था। पुलिस के मुताबिक वॉशरूम जाते समय युवक अचानक गिर गया, जिससे उसके सिर में चोट लगी। इसके बाद ड्यूटी पर मौजूद जवान उसे उपचार के लिए BDM अस्पताल लेकर गया। प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर उसे सुबह करीब 6 बजे जिला अस्पताल जांजगीर रेफर किया गया, जहां करीब 8:30 बजे उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
हिरासत में मौत, अब सवालों के घेरे में थाना
युवक की मौत के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि पुलिस हिरासत में उसकी तबीयत किन परिस्थितियों में बिगड़ी? क्या युवक को पहले से कोई बीमारी थी? थाने में उसकी चिकित्सकीय जांच कराई गई थी या नहीं? हिरासत में लेने के बाद उसकी निगरानी किस स्तर पर की गई? और परिजनों द्वारा लगाए गए मारपीट के आरोपों की जांच किस तरह होगी?
दूसरी ओर, पुलिस का दावा है कि युवक की हालत मिर्गी के दौरे और गिरने से सिर में लगी चोट के बाद बिगड़ी। ऐसे में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और निष्पक्ष जांच की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो गई है।
थाने के बाहर जुटी भीड़, पुलिस बल तैनात
मौत की सूचना मिलते ही परिजन और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग चांपा थाने पहुंच गए और घेराव कर दिया। परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। थाने के बाहर तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।
फिलहाल युवक की मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। हिरासत में युवक की मौत होने के कारण पूरे मामले में पुलिस की भूमिका भी जांच के दायरे में है।




