छत्तीसगढ़

वेदांता पावर प्लांट हादसा: एक और श्रमिक की मौत, मृतकों का आंकड़ा 24 पहुंचा; 19 पर FIR, जांच तेज

सक्ती, 19 अप्रैल। वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण हादसे में मृतकों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। गंभीर रूप से घायल झारखंड निवासी मनीष कुमार ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। रायगढ़ स्थित लखीराम मेडिकल कॉलेज में उपचाररत मनीष की मौत के बाद इस हादसे में जान गंवाने वाले श्रमिकों की संख्या बढ़कर 24 हो गई है।

फिलहाल 9 गंभीर घायल श्रमिकों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज जारी है, जिनमें कई की हालत नाजुक बनी हुई है। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है और परिजनों में शोक का माहौल है।

19 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज
हादसे के बाद पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल, प्लांट हेड देवेंद्र पटेल समेत कुल 19 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। सभी पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106(1), 289 और 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।

इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा सांसद और जिंदल स्टील के चेयरमैन नवीन जिंदल ने सोशल मीडिया पर आपत्ति जताई है।

जांच के लिए विशेष टीम गठित
सक्ती जिले के पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर ने बताया कि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया है। इस टीम में पुलिस अधिकारियों के साथ फोरेंसिक विशेषज्ञ भी शामिल हैं, जो हादसे के तकनीकी पहलुओं की गहराई से जांच कर रहे हैं।

बायलर विस्फोट बनी बड़ी वजह
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बायलर के फर्नेस में अत्यधिक ईंधन जमा हो जाने से दबाव असामान्य रूप से बढ़ गया था। इसी कारण बायलर का निचला पाइप अपनी जगह से हट गया और जोरदार विस्फोट हुआ। फोरेंसिक साइंस लैब (FSL) की रिपोर्ट में भी अत्यधिक ईंधन और दबाव को हादसे की मुख्य वजह बताया गया है।

लापरवाही के आरोप
शुरुआती जांच में यह भी स्पष्ट हुआ है कि प्लांट में मशीनरी के रख-रखाव और संचालन के मानकों का सही तरीके से पालन नहीं किया गया। सुरक्षा उपायों की कमी और निगरानी में लापरवाही के चलते यह बड़ा हादसा हुआ।

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