छत्तीसगढ़

कोरबा में सराफा व्यापारी के अंधे कत्ल का खुलासा, मास्टरमाइंड मृतक का ड्राइवर निकला

कोरबा।कोरबा जिले में एक सराफा व्यापारी की चुनौतीपूर्ण अंधे कत्ल की घटना का पुलिस ने सफलतापूर्वक पटाक्षेप कर दिया है। पुलिस ने 300 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के विश्लेषण के बाद आरोपियों की पहचान की और हत्या के रहस्य को सुलझाया। इस मामले में पुलिस अधीक्षक के सतत मार्गदर्शन में 80 से अधिक पुलिस कर्मियों की 14 अलग-अलग टीमों ने काम किया, जिसमें से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया और एक आरोपी अभी फरार है।

घटना का विस्तृत विवरण
मृतक गोपाल राय सोनी की हत्या 5 जनवरी 2025 की रात को अज्ञात बदमाशों द्वारा की गई थी। उनके बेटे नचिकेता रॉय सोनी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि जब वह घर पहुंचे तो पाया कि उनकी कार और अन्य सामान गायब थे। घर के अंदर उनका पिता गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़े हुए थे, और उनकी मृत्यु हो गई थी।

मास्टरमाइंड ड्राइवर और उसका भाई
पुलिस ने जांच के दौरान पाया कि मृतक के ड्राइवर आकाश पुरी गोस्वामी और उसके भाई ने मिलकर इस हत्या की योजना बनाई थी। दोनों ने शातिर बदमाश के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची और बाद में मृतक के घर से कार, अटैची और मोबाइल लूटकर फरार हो गए थे।

सीसीटीवी और तकनीकी जांच से गिरफ्तारी
पुलिस ने घटना स्थल के आसपास के 300 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और आरोपी की पहचान की। इसके बाद पुलिस ने विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों से लूटी गई हुण्डई क्रेटा कार और लूटा गया मोबाइल बरामद कर लिया गया, जिसकी कुल कीमत 6 लाख 25 हजार रुपये बताई जा रही है।

फरार आरोपी की तलाश जारी
वहीं, पुलिस ने एक और आरोपी सूरज पुरी गोस्वामी के फरार होने के बाद उसकी तलाश तेज कर दी है। पुलिस ने अलग-अलग टीमों को उसकी संभावित जगहों पर भेजा है और जल्द ही उसे गिरफ्तार करने की संभावना जताई जा रही है।

सख्त कार्रवाई का आश्वासन
पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं।

यह घटना कोरबा पुलिस की सफलता की मिसाल
यह घटना पुलिस की कड़ी मेहनत और तकनीकी उपकरणों के सही उपयोग का परिणाम है। पुलिस ने न केवल सीसीटीवी फुटेज से आरोपी की पहचान की, बल्कि मामले की त्वरित कार्रवाई में 80 से अधिक कर्मियों की टीम को भी सक्रिय किया। कोरबा पुलिस का यह कदम एक मिसाल कायम करता है, जो अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की दिशा में महत्त्वपूर्ण साबित हुआ।

कोरबा पुलिस की तत्परता और कुशलता से यह मामला जल्द ही सुलझा लिया गया, और अब उम्मीद जताई जा रही है कि फरार आरोपी भी जल्द ही पुलिस के गिरफ्त में होगा।

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