प्राचीन ज्ञान की धरोहर से रूबरू हुए एसडीओपी सिदार पंडित देवी धर दीवान संस्कृत ग्रन्थालय अफरीद का किया अवलोकन


चांपा। समीपस्थ ग्राम अफरीद स्थित ऐतिहासिक पंडित देवी धर दीवान संस्कृत ग्रन्थालय में बुधवार दोपहर चांपा एसडीओपी यदुमणि सिदार पहुंचे। उन्होंने ग्रन्थालय में सुरक्षित रखी गई दुर्लभ एवं प्राचीन पुस्तकों का गहन अवलोकन किया और गांव की इस सांस्कृतिक विरासत की सराहना की।
लगभग पाँच हजार की आबादी वाले ग्राम अफरीद का नाम प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश के सांस्कृतिक मानचित्र में भी दर्ज रहा है। जानकारों के अनुसार यह संस्कृत ग्रन्थालय कभी ज्ञान, साहित्य और नाट्यकला का प्रमुख केंद्र रहा है, जहां देश–विदेश से साहित्यकार और विद्वान अध्ययन हेतु पहुंचते थे। ग्रन्थालय में संस्कृत सहित अनेक भाषाओं तथा प्राचीन लिपियों में रचित दुर्लभ ग्रंथ आज भी सुरक्षित हैं।
ग्रामीण बुजुर्गों के अनुसार देश के महान विद्वान पंडित मदन मोहन मालवीय ने स्वयं यहां आकर संस्कृत साहित्य का अध्ययन किया था। । एक समय यहां का ग्रन्थालय और नाट्यकला पूरे प्रांत में अपनी अलग पहचान रखती थी।
एसडीओपी सिदार ने ग्रन्थों के संरक्षण और इस ऐतिहासिक धरोहर को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक केंद्र गांवों की आत्मा होते हैं, जिनका संरक्षण समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
इस अवसर पर सरपंच प्रतिनिधि शाश्वत दीवान अजय राठौर कमल गुप्ता गोल्डी श्याम बरेठ सहित अनेक ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने ग्रन्थालय के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार को लेकर सकारात्मक चर्चा की।






