छत्तीसगढ़

Ration Card E-KYC : खाद्य विभाग की कार्रवाई, 1.59 लाख राशनकार्ड सदस्य E-KYC नहीं कर पाए

Ration Card E-KYC : सरगुजा, छत्तीसगढ़। जिले में राशनकार्ड धारकों की E-KYC प्रक्रिया में बड़ा मामला सामने आया है। जिले में कुल 9 लाख 10 हजार सदस्य हैं, जिनके नाम से हर महीने राशन का आबंटन होता है। लेकिन अब तक लगभग 7 लाख 50 हजार सदस्य ही अपनी E-KYC करवा पाए हैं। इसका मतलब है कि करीब 1 लाख 59 हजार सदस्य अभी तक E-KYC पूरी नहीं कर पाए हैं। इस मामले ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या इन लोगों के नाम पर फर्जी तरीके से राशन उठाया जा रहा था या फिर कई लोग कहीं और रह रहे हैं।

Chhattisgarh Assembly Winter Session : विधानसभा के शीतकालीन सत्र से बड़ी उम्मीदें, 4 दिनों में होंगे कई अहम निर्णय

 खाद्य विभाग की कार्रवाई

खाद्य विभाग ने कहा है कि E-KYC न होने वाले राशनकार्ड धारकों का राशन रोक दिया गया है। विभाग लगातार इन लोगों की खोजबीन कर रहा है ताकि:

  • पात्र लोगों को राशन मिल सके

  • अपात्र लोगों का राशन रोका जा सके

  • बोगस राशनकार्ड और मृतक के नाम पर उठाए जाने वाले राशन का खुलासा हो

 E-KYC का महत्व

सरगुजा जिले में PDS (Public Distribution System) योजना में पहले भी कई बार बोगस राशनकार्ड धारकों और मृतक के नाम पर राशन उठाए जाने के मामले सामने आए थे। ऐसे में सरकार ने राशनकार्ड धारकों की ई-केवाईसी प्रक्रिया शुरू की, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि:

  • कौन पात्र है

  • कौन अपात्र है

  • राशन वितरण में पारदर्शिता बनी रहे

E-KYC पूरी होने के बाद ही अब राशन का आबंटन किया जाएगा।

 गायब 1 लाख 59 हजार सदस्य

खाद्य विभाग का कहना है कि जिन लोगों ने अब तक E-KYC नहीं कराई है, उनके बारे में विभिन्न आशंकाएँ हैं:

  • इनमें से कुछ के नाम पर फर्जी तरीके से राशन उठाया जा रहा है

  • कुछ लोग बाहर शिफ्ट हो गए हैं

  • कुछ लोग बाहर नौकरी या कमाई के लिए चले गए हैं

दक्षिणी और उत्तरी सरगुजा में विभाग इन सभी सदस्यों की पहचान और संपर्क कर रहा है।

 आगे की प्रक्रिया

खाद्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि E-KYC पूरी होने के बाद ही राशन मिलेगा। इसका उद्देश्य PDS योजना को पारदर्शी बनाना और सही लोगों तक राशन पहुंचाना है। आने वाले हफ्तों में यह स्पष्ट होगा कि कितने लोग E-KYC कराते हैं और कितनी संख्या में बोगस राशनकार्ड धारकों का खुलासा होता है।

Related Articles

Back to top button