कोतवाली थाना परिसर में मारपीट, पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

कोरबा। कोतवाली थाना परिसर में ही दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बस स्टैंड पर अशरफ मेमन और गुलाम शेखानी के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला थाने तक पहुंच गया। लेकिन हैरानी की बात यह रही कि थाने में ही दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर हमला बोल दिया, जिससे थाना परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
थाने में ही खून से लथपथ हुए दोनों पक्ष
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अशरफ मेमन और गुलाम शेखानी के बीच पहले बस स्टैंड पर कहासुनी हुई, जो बाद में मारपीट में बदल गई। पुलिस को सूचना मिलने पर दोनों पक्षों को थाने बुलाया गया, लेकिन थाने पहुंचते ही वहां भी झगड़ा शुरू हो गया। देखते ही देखते दोनों एक-दूसरे पर हमला करने लगे, जिससे दोनों पक्ष लहूलुहान हो गए।
पुलिस पर उठे सवाल
इस घटना के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि आमतौर पर पुलिस किसी भी लड़ाई-झगड़े की घटना में देरी से पहुंचती है, लेकिन इस बार तो थाने के अंदर ही मारपीट हो गई और पुलिस मूकदर्शक बनी रही। सवाल यह है कि आखिर जब दोनों पक्ष थाने में थे, तो पुलिस ने पहले से सख्ती क्यों नहीं बरती? क्या पुलिस तब तक तमाशा देखती रही जब तक दोनों पक्ष घायल नहीं हो गए?






