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Lohagad Fort Murder Case: साजिश, धोखा और मौत… कैसे मंगेतर ने प्रेमी संग रचा केतन अग्रवाल की हत्या का प्लान? जानिए पूरी टाइमलाइन

पुणे। महाराष्ट्र के Lohagad Fort मर्डर केस में चौंकाने वाले खुलासे लगातार सामने आ रहे हैं। रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत अब एक सुनियोजित साजिश के रूप में सामने आई है। पुलिस ने इस मामले में मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौहान को गिरफ्तार कर लिया है। कोर्ट ने दोनों आरोपियों को 7 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।

शुरुआती पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया है कि सिया केतन से शादी नहीं करना चाहती थी, इसलिए उसने अपने प्रेमी के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची।

घटनाक्रम की पूरी टाइमलाइन

फरवरी 2026
पुणे में केतन अग्रवाल और सिया गोयल की सगाई हुई। परिवार शादी की तैयारियों में जुट गया।

31 मई 2026
दोनों पहली बार Lohagad Fort घूमने गए। इसी दौरान सिया ने अपने प्रेमी चेतन के साथ मिलकर केतन को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।

5 जून 2026
सिया ने दोबारा केतन को लोहागढ़ फोर्ट चलने के लिए दबाव बनाया। परिवार ने इसका विरोध किया।

6 जून 2026
केतन और सिया बाली ट्रिप के लिए मुंबई एयरपोर्ट जा रहे थे। रास्ते में केतन का पासपोर्ट गायब हो गया। जांच में खुलासा हुआ कि सिया ने ही पासपोर्ट चुराकर नष्ट कर दिया, जिससे ट्रिप कैंसिल हो गया।

14 जून 2026
सिया केतन को फिर घुमाने ले गई और उसे धक्का देने की कोशिश की। लेकिन केतन पेड़ का सहारा लेकर बच गया। बाद में सिया ने इसे “सांप से बचाने” की कहानी बताकर मामला टाल दिया।

18 जून 2026 (मर्डर डे)
सिया ने अपने जन्मदिन का बहाना बनाकर केतन को फिर Lohagad Fort चलने के लिए मजबूर किया। परिवार के मना करने के बावजूद उसने जिद की और अंततः केतन को साथ ले गई।

उसी दिन उसका प्रेमी चेतन चौहान भी दोपहिया वाहन से किले के पास पहुंचा। सीसीटीवी फुटेज में वह दोनों के आसपास नजर आया।

कोड वर्ड से दिया मौत का सिग्नल

पुलिस जांच में सामने आया कि सिया और चेतन ने हत्या के लिए एक कोड तय किया था।
जैसे ही सिया केतन को किले की सबसे ऊंची जगह पर ले गई, वह बैठ गई—यही संकेत था कि अब धक्का दिया जा सकता है।

इसके बाद चेतन ने केतन को धक्का दे दिया, जिससे वह करीब 400 फीट गहरी खाई में गिर गया और उसकी मौत हो गई।

जन्मदिन की तैयारी, मौत की साजिश

विडंबना यह है कि 19 जून को सिया का जन्मदिन मनाने के लिए परिवार ने महाबलेश्वर के एक बड़े रिसोर्ट में पार्टी की तैयारी कर रखी थी।
केतन के दादाजी ने सिया के लिए हीरे का हार भी खरीदा था।

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