छत्तीसगढ़ राज्य बनाने में लालकृष्ण आडवाणी का खास रोल:कहा था- यहां से आत्मिक जुड़ाव; भारत रत्न के ऐलान के बाद नेताओं ने दी बधाई

देश के पूर्व उप प्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी को केंद्र सरकार ने भारत रत्न देने का ऐलान किया है। छत्तीसगढ़ के सियासी दिग्गजों ने भी आडवाणी को इसके लिए बधाई दी। इतिहास के पन्नों को पलटने पर छत्तीसगढ़ और लाल कृष्ण आडवाणी का एक ऐसा किस्सा है जो प्रदेश के अस्तित्व से जुड़ा है। आडवाणी के करियर में छत्तीसगढ़ राज्य का अहम रोल रहा है। उन्होंने खुद बताया था कि क्यों ये प्रदेश और इस प्रदेश के लोग उनके दिल के करीब हैं।
बात 80-90 के दशक की है। तब छत्तीसगढ़ को अलग राज्य बनाने की मांग तेज थी। सियासी दौरों के बीच आडवाणी और जनसंघ के पुराने नेताओं का रायपुर भी आना होता था। छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद साल 2011 में आडवाणी की जन चेतना यात्रा रायपुर पहुंची थी। डॉ रमन मुख्यमंत्री थे। शंकर नगर के पास सड़क पर आडवाणी का रथ रुका। उन्होंने उन दिनों को याद किया जब प्रदेश को बनाने की मांग उठी थी।

हमें मौका मिला और हमने किया
आडवाणी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा था- जनसंघ का काम करते हुए मैं जब बिहार जाता था, तो दक्षिण बिहार के लोग कहते थे पटना हमसे बहुत दूर है। हमारी चिंता नहीं की जाती अगर, हमारा प्रदेश अलग बन जाए, झारखंड बन जाए तो हमारे यहां विकास होगा। इसी तरह की बात जब मध्य प्रदेश जाते थे तो रायपुर और बिलासपुर के लोग कहते थे। छत्तीसगढ़ की मांग उठती रही। तब तो हम विपक्ष में थे।
फिर भी हमें लगा कि क्षेत्र की जनता की बात में वजन है। यहां की जनता की इच्छा पूरी होनी चाहिए। हमने अपने कार्यक्रम में लिख दिया कि छत्तीसगढ़ बनना चाहिए। 1998 में मौका मिला पार्टी की सरकार बनी, वाजपेई जी हमारे प्रधानमंत्री बने और उन्होंने मुझे गृह मंत्री का दायित्व दिया ।

आडवाणी ने कहा- नए राज्य बनाने का दायित्व गृह मंत्री निभाता है, वही उसके लिए विधेयक बनाता है जो कानून का रूप लेता है और कार्यान्वित होता है। अब जब छत्तीसगढ़ आता हूं तो लगता है कि ये हमने करके दिखाया है। NDA के समय गृहमंत्री रहते हुए छत्तीसगढ़ को प्रदेश बनाने का विधेयक पेश करने का अवसर मुझे मिला। अब जब छत्तीसगढ़ आता हूं तो मुझे विशेष आत्मीयता महसूस होती है।

M मोदी ने किया भारत रत्न देने का ऐलान
बीजेपी के वयोवृद्ध नेता लाल कृष्ण आडवाणी को 96 साल की उम्र में देश के सबसे बड़े नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी। वे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और बीजेपी के संस्थापक सदस्य नानाजी देशमुख के बाद यह सम्मान पाने वाले पार्टी के तीसरे नेता हैं। भारत रत्न से सम्मानित हस्तियों में वे 50वीं शख्सियत हैं।
बीजेपी के फाउंडर मेंबर, उप प्रधानमंत्री भी रहे
आडवाणी का जन्म 8 नवंबर 1927 को कराची में हुआ था। 2002 से 2004 के बीच अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में देश के उप प्रधानमंत्री रहे। इससे पहले 1998 से 2004 के बीच NDA सरकार में गृहमंत्री रहे। आडवाणी भारतीय जनता पार्टी के फाउंडर मेंबर्स में शामिल हैं।






