गौरीशंकर मंदिर में 72 साल से मनाया जा रहा जन्माष्टमी:रायगढ़ में 5 दिन तक झांकियों का होगा प्रदर्शन,दूसरे राज्यों से भी पहुंचते हैं श्रद्धालु

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में जन्माष्टमी त्योहार काफी उत्साह के साथ मनाया जाता है। यहां 5 दिनों तक जन्माष्टमी मेला लगता है। आज से मंदिर में मेले का शुभारंभ किया गया। गौरीशंकर मंदिर की स्थापना साल 1950 में हुई, फिर 2 साल बाद मंदिर में जन्माष्टमी बनाए जाने लगा।
इस बार भी मंदिर में करीब 50 झांकियों का प्रदर्शन किया जा रहा है। यह स्वचालित झांकी पौराणिका कथाओं पर आधारित है। इसमें भगवान कृष्ण के लीला का भी वर्णन है। इन झांकियों को बनाने कोलकाता के कारीगर करीब एक महीने से तैयारी में लगे हुए हैं, तो कुछ झांकियां कोलकाता से लाए गए हैं।

मंदिर के ट्रस्टी ने बताया कि, गौरीशंकर मंदिर में 26 अगस्त सोमवार की रात 12 बजे कृष्ण जन्माष्टमी मनाया जाएगा। इससे पहले भगवान का आकर्षक रूप में श्रृंगार किया जाएगा। इसके बाद मंदिर में विधिविधान के साथ पूजा अर्चना कर भगवान कृष्ण का जन्म होगा।

बताया जा रहा है कि कृष्ण जनमाष्टमी को लेकर सुरक्षा के भी बेहतर इंतजाम किए गए हैं। गौरीशंकर मंदिर में बैरिकेट लगाया गया है, तो जगह जगह सीसीटीवी कैमरे हैं और पुलिस प्रशासन का भी सहयोग लिया गया है। ऐसे में हर जगह पुलिस के जवान अप्रिय स्थिति से निपटने तैनात रहेंगे।
सेठ किरोड़ीमल चैरिटी ट्रस्ट के ट्रस्टी राजेश मोड़ा ने बताया कि, 24 से 28 अगस्त तक मंदिर मेला रहेगा। इस बार झांकियों में कोई भी रिपीट झांकी नहीं है। नए झांकी तैयार किए गए हैं, जो श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करेंगे। रायगढ़ का जन्माष्टमी मेला कई राज्यों में प्रसिद्ध है।
शनिवार को श्याम बगीची परिसर में जन्माष्टमी झूले का शुभारंभ किया गया। यहां 15 हजार स्क्वायर फीट में भव्य वाटरप्रूफ पंडाल बनाया गया है। मंदिर परिसर में तीन झांकियां लड्डू गोपाल, राधा-कृष्ण, बांके बिहारी की लगाई गई है।
पंडाल में भगवान गणेश, कान्हा दही बिलोवन, कालिया मर्दन, गीता उपदेश, सुदर्शन चक्र, श्री कृष्ण जन्म सहित अनेक मनभावन स्वचालित झांकियां है। इसी तरह विशेष आकर्षण भगवान रामजी, राधाकृष्ण, श्री कृष्ण महारास, भोला बने मदारी की झांकियां विशेष आकर्षण का केंद्र होगा।
ट्रैफिक थाने के डीएसपी रमेश कुमार चंद्रा ने बताया कि, जन्माष्टमी को लेकर रूटचार्ट तैयार है। कुछ रास्तों को शाम के समय वाहनों के लिए बंद रखा जाएगा, तो कुछ वन-वे मार्ग होगा। सिल्वर पैलेस से गौरीशंकर मंदिर, गौरी शंकर मंदिर से श्याम मंदिर, कोष्टापारा से गौरीशंकर मंदिर पर वाहनों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा परिवर्तित मार्ग भी बनाए गए हैं।






