छत्तीसगढ़ शासन ने की दो शिक्षकों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई

**रायपुर, 22 अक्टूबर 2024**: छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने जिला कोरिया के शिक्षकों के खिलाफ गंभीर कदाचार के आरोप में निलंबन की कार्रवाई की है। यह आदेश 16 अक्टूबर 2024 को जारी किया गया, जिसमें प्राचार्य कमल नारायण शाहान और शिक्षक तुलाराम भारद्वाज के कदाचार के मामले की जांच की गई थी।
आदेश के अनुसार, कोरिया के कोपारी और लोकतरी गांव के विद्यालयों में पिछले 13 महीनों में की गई एक केन्द्रीधराजीसीई प्रशिक्षण योजना में अनियमितताओं का पता चला है। दोनों शिक्षकों पर आरोप है कि उन्होंने सरकारी धन की हेराफेरी की और मासिक वेतन के रूप में 30,000 रुपये की राशि अपने व्यक्तिगत खाते में स्थानांतरित की।
आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि श्री कमल नारायण शाहान और श्री तुलाराम भारद्वाज के खिलाफ ऑडियो और वीडियो क्लिप भी मौजूद हैं, जो इस कदाचार के सबूत के रूप में प्रस्तुत किए गए हैं। इन सबूतों के आधार पर, अधिकारियों ने इसे सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के तहत कदाचार की श्रेणी में रखा।
शिक्षकों के निलंबन के आदेश में कहा गया है कि उनका निलंबन तत्काल प्रभाव से लागू होगा और इस प्रक्रिया में उनके वेतन की रोकथाम की जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई नियमों के अनुसार की गई है, ताकि शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और नैतिकता को बनाए रखा जा सके।
शिक्षा विभाग ने यह भी कहा कि निलंबित शिक्षकों के मामले में आगे की जांच जारी रहेगी और यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस कदम से छत्तीसगढ़ सरकार ने यह संदेश दिया है कि वह सरकारी धन के दुरुपयोग को बर्दाश्त नहीं करेगी और शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए प्रतिबद्ध है।






