CM साय बने किसान, पुश्तैनी खेत में बोया धान:इष्टदेव की पूजा कर खेती-किसानी की शुरुआत, कहा- बेरा आ गए हे बोवारा के

छत्तीसगढ़ में मानसून की एंट्री के बाद किसान खेती-किसानी में लग गए हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंगलवार को जशपुर जिले के बगिया में अपने पुश्तैनी खेत में धान की बुवाई की। उन्होंने अच्छी फसल की कामना के लिए खेतों की पूजा-अर्चना कर इष्ट देवता को याद किया, फिर बीजों का छिड़काव किया।
सीएम साय ने सोशल मीडिया में छत्तीसगढ़ी में लिखा कि, धान के कटोरा हमर छत्तीसगढ़, जिहां अन्नदाता उपजाथे किसम-किसम के धान… बेरा आ गए हे बोवारा के, किसान के मेहनत ले छत्तीसगढ़ बनही धानवान।

साथ ही साय ने कहा कि, मैं देश के प्रधानमंत्री को छत्तीसगढ़ के किसानों की ओर से धन्यवाद देना चाहता हूं कि किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से किसानों को लाभ हो रहा है। जिससे वे अच्छे बीज और अच्छी खाद खरीद कर पैदावार बढ़ा रहे हैं।
पगड़ी और पारंपरिक वस्त्र पहने नजर आए
मुख्यमंत्री साय खेती-किसानी का पारंपरिक परिधान पहनकर खेतों में नजर आए। वो पगड़ी और पारंपरिक वस्त्र पहने नजर आए। इसके बाद टोकरी में धान बीज रखे और इनकी पूजा की। उसके बाद पांच बार बीजों को अपने हाथों में लेकर खेत में बोए। फसल की समृद्धि की कामना के लिए बीज यह रस्म जशपुर-सरगुजा क्षेत्र में की जाती है। जशपुर, सरगुजा अंचल के किसान अपने परिवार के मुखिया के साथ धान बुआई की रस्म निभाते हैं।

सीएम ने अधिकारियों की ली थी बैठक
सीएम साय ने प्रदेश में बेहतर खरीफ फसल के लिए 2 दिन पहले कृषि विभाग के अधिकारियों की समीक्षा बैठक की थी। अधिकारियों को खाद बीज की पर्याप्त व्यवस्था के निर्देश दिए थे। उन्होंने अधिकारियों को किसानों की जरूरतों के अनुरूप टेक्नोलॉजी का अधिक इस्तेमाल कर उत्पाद बढ़ाने पर कहा था।
अगले 5 दिनों तक बारिश के आसार
मौसम विभाग के अनुसार, आज से अगले 5 दिनों तक सरगुजा, रायपुर, दुर्ग और बस्तर संभाग में बारिश के आसार हैं। इसी दौरान बीजापुर और सुकमा में अटका हुआ मानसून रायपुर समेत प्रदेश के बाकी हिस्सों में सक्रिय होगा।






