अमरजीत भगत बोले- झंझट से बचने हमें गोली मार दें:रायपुर में IT छापे पर कहा- मारपीट कर गलत दस्तावेज पर साइन लिए गए

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने आयकर विभाग की कार्रवाई पर कहा कि, गैर भाजपाई आदिवासी नेताओं को बीजेपी टारगेट कर रही है। इससे तो अच्छा झंझट से बचने आप हमें और जितने आदिवासी नेता हैं उन्हें गोली मार दीजिए। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि, गलत दस्तावेज पर मारपीट कर साइन कराए गए हैं।
लगातार 4 दिन अमरजीत भगत के निवास समेत उनके करीबियों के ठिकानों पर IT ने कार्रवाई की थी। शनिवार को यह कार्रवाई खत्म हुई जिसके बाद सोमवार को रायपुर में भगत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस ली। कांग्रेस प्रदेश कार्यालय राजीव भवन में मीडिया से उन्होंने बातचीत की।

‘गलत दस्तावेज में दस्तखत लिए गए’
IT की कार्रवाई पर भगत का कहना है कि, हमारे पुराने स्टाफ के साथ मारपीट कर गलत दस्तावेज में दस्तखत और बयान लिए गए। यह क्या चाहते हैं आदिवासियों को जीने का हक नहीं है क्या। विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के तमाम नेताओं पर कार्रवाई की गई। इस प्रदेश में इतने बड़े-बड़े धन्ना सेठ हैं लेकिन उन्हें सिर्फ एक आदिवासी ही दिखा।
‘केंद्रीय एजेंसियों का गलत इस्तेमाल कर दहशत फैलाई जा रही’
केंद्रीय एजेंसियों का गलत इस्तेमाल कांग्रेस के खिलाफ और गैर बीजेपी शासित राज्यों के खिलाफ कर दहशत फैलाने का काम चल रहा है। हाल ही में आदिवासी नेता झारखंड के मुख्यमंत्री सोरेन के साथ भी ऐसा ही किया गया, पद से इस्तीफा देने तक मजबूर किया गया।
मेरे निवास सहित पूरे मेरे सहयोगियों के खिलाफ प्रदेशभर में छापा मारकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। लगातार 4 दिन तक हमें घर से बाहर भी नहीं निकलने दिया गया। राजनीतिक प्रतिद्वंदियों को दबाने के लिए ये हथकंडे अपनाए जा रहे हैं।

‘जो शपथपत्र में दिया उसके अलावा कुछ भी नहीं मिला’
भगत ने आगे कहा कि, IT की टीम भेजकर डर का वातावरण बनाने की कोशिश की जा रही। कार्रवाई के दौरान हर कमरे में IT की टीम और चप्पे-चप्पे में पुलिस की टीम मौजूद थी। जब से छत्तीसगढ़ राज्य बना है तब से यह पहला उदाहरण है जहां ऐसे तांडव किया गया है। मैंने विधानसभा में जो शपथपत्र दिया है उसके अलावा छापे में अतिरिक्त कुछ भी नहीं निकला है। सरकार चाहे तो किसी को भी फंसा सकती है और जेल भेज सकती है।






