धान बेचने की जद्दोजहद, टोकन व्यवस्था से परेशान किसान, केंद्रों में सन्नाटा
सारागांव–सोंठी–अफरीद–कमरीद क्षेत्र में टोकन संकट, दोपहर बाद वीरान हो रहे धान खरीदी केंद्र
बम्हनीडीह ..विकासखंड अंतर्गत संचालित धान खरीदी केंद्रों में सीमित खरीदी और टोकन व्यवस्था की अव्यवस्थाओं ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। समर्थन मूल्य पर धान बेचने पहुंचे किसान टोकन के अभाव में उपार्जन केंद्रों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। स्थिति यह है कि सुबह निर्धारित लिमिट के अनुसार धान खरीदी होते ही दोपहर बाद खरीदी केंद्र वीरान हो जा रहे हैं, जिससे दूर-दराज के गांवों से आए किसानों को बिना काम वापस लौटना पड़ रहा है।
ग्राम सोंठी के किसान अरविंद भेड़पाल ने बताया कि टोकन कटवाने के लिए कई बार खरीदी केंद्र जाना पड़ रहा है, लेकिन लिमिट कम होने के कारण उनका धान नहीं लिया जा रहा। सुबह कुछ किसानों का ही धान खरीदा जाता है, उसके बाद दोपहर तक केंद्रों में कोई गतिविधि नहीं रहती। इससे समय और संसाधनों दोनों का नुकसान हो रहा है।
वहीं ग्राम अफरीद के किसान सरन साव ने बताया कि धान बिक्री को लेकर न तो ऑनलाइन व्यवस्था ठीक से काम कर रही है और न ही ऑफलाइन। टोकन कटने में लगातार तकनीकी और प्रशासनिक दिक्कतें सामने आ रही हैं। कई किसान ऐसे भी हैं जिनके पास पर्याप्त मात्रा में धान तैयार है, लेकिन खरीदी न होने से भंडारण की समस्या खड़ी हो रही है।
सारागांव, अफरीद, सोंठी सहित आसपास के गांवों के किसानों में इस समस्या को लेकर भारी नाराजगी है। किसानों का कहना है कि शासन द्वारा समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की घोषणा तो की गई है, लेकिन जमीनी स्तर पर व्यवस्थाएं कमजोर हैं। सीमित लिमिट और टोकन की कमी किसानों के हितों के विपरीत है।
किसानों ने शासन और प्रशासन से मांग की है कि खरीदी लिमिट में तत्काल बढ़ोतरी की जाए, टोकन व्यवस्था को सुचारू किया जाए और खरीदी केंद्रों में पूरे दिन धान खरीदी सुनिश्चित की जाए, ताकि किसानों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना






