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श्रम, सृजन और आस्था का पर्व: जांजगीर-चांपा में धूमधाम से मनी विश्वकर्मा जयंती

जांजगीर चांपा …पूरे भारतवर्ष में प्रतिवर्ष की भाँति इस वर्ष भी भगवान विश्वकर्मा जयंती बड़े ही हर्षोल्लास और धार्मिक आस्था के साथ मनाई गई। जांजगीर-चांपा जिले के शहरी क्षेत्रों से लेकर ग्रामीण अंचलों तक लोगों ने श्रद्धा और भक्ति भाव से भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना की। सुबह से ही विभिन्न औद्योगिक इकाइयों, कार्यशालाओं, सरकारी-अर्धसरकारी कार्यालयों, प्राइवेट फैक्ट्रियों और दुकानों में विशेष तैयारियाँ की गईं।
भगवान विश्वकर्मा को शिल्पकार, निर्माणकला के देवता और विश्व के प्रथम अभियंता के रूप में जाना जाता है। उनके जन्मोत्सव पर विशेष रूप से श्रमिक, मजदूर, इंजीनियर, मिस्त्री, मशीन और उपकरणों से जुड़े लोग बड़ी श्रद्धा के साथ उनका पूजन करते हैं। जांजगीर-चांपा जिला औद्योगिक गतिविधियों और श्रमिक वर्ग की मेहनत के लिए जाना जाता है, इसलिए यहाँ विश्वकर्मा जयंती का महत्व और भी बढ़ जाता है।
जिले भर में रही भक्ति और उल्लास की छटा
सुबह-सुबह मंदिरों, पंडालों और पूजा स्थलों में भजन-कीर्तन की गूंज सुनाई देने लगी। घर-घर में महिलाएँ पूजन की थाल सजाकर भगवान विश्वकर्मा का स्मरण करती रहीं। ग्रामीण अंचलों में सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया, जहाँ बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्रित हुए।
शहर में विभिन्न चौराहों और मोहल्लों में सुंदर पंडालों की सजावट की गई थी। विद्युत बल्बों और रंगीन झालरों से सजी हुई झांकियाँ आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। युवाओं ने शोभायात्रा निकालकर जयघोष करते
कार्यस्थलों और फैक्ट्रियों में विशेष पूजा
जांजगीर, चांपा, अकलतरा, डभरा, बम्हनीडीह और सक्ती क्षेत्र की फैक्ट्रियों, प्लांटों और औद्योगिक इकाइयों में मशीनों और उपकरणों की विशेष साफ-सफाई की गई। श्रमिकों ने सुबह-सुबह अपने-अपने कारखानों में पूजन कर प्रसाद वितरण किया।
रेलवे यार्ड, बिजली बोर्ड कार्यालय, मैकेनिक शॉप, वर्कशॉप और लोहे-स्टील की दुकानों में भी धूमधाम से पूजा हुई। इंजीनियर और टेक्नीशियन वर्ग ने भगवान विश्वकर्मा की तस्वीर और प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर अपने कार्यों में सफलता और सुरक्षा की प्रार्थना की।

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