छत्तीसगढ़

पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण को लेकर हाईकोर्ट सख्त, राज्य सरकार और निर्वाचन आयोग से मांगा जवाब

बिलासपुर, 31 जनवरी 2025 – छत्तीसगढ़ में पंचायत चुनावों में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण को लेकर दाखिल याचिका पर आज हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। इस मामले में अदालत ने राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग को नोटिस जारी कर एक सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

ग्राम पंचायत घुटुरकुंडी, जनपद पंचायत पंडरिया, जिला कबीरधाम के निवासी हेमंत कुमार साहू ने अपने अधिवक्ताओं वैभव पी. शुक्ला और आशीष पाण्डेय के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ता ने दलील दी कि पंचायत चुनावों में ओबीसी आरक्षण के निर्धारण के लिए संशोधित नियमों में प्रत्येक ब्लॉक में ओबीसी वर्ग की जनसंख्या के अनुपात में सीटें आरक्षित करने का प्रावधान किया गया है, लेकिन सरकार के पास ओबीसी जनसंख्या के सटीक आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं।

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता वैभव पी. शुक्ला ने अदालत में तर्क दिया कि बिना सही आंकड़ों के आरक्षण का निर्धारण संविधान के सिद्धांतों का उल्लंघन होगा। इस पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति बी. डी. गुरु ने याचिका को स्वीकार किया और राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह एक सप्ताह के भीतर इस संबंध में अपना जवाब प्रस्तुत करे।

अब इस मामले की अगली सुनवाई के दौरान यह स्पष्ट होगा कि ओबीसी आरक्षण को लेकर पंचायत चुनावों में किस तरह के बदलाव किए जाएंगे। यदि अदालत राज्य सरकार के तर्कों को अस्वीकार करती है, तो आरक्षण निर्धारण प्रक्रिया में संशोधन किया जा सकता है।

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