छत्तीसगढ़

जांजगीर-चांपा में “युवोदय – युवा संवाद” कार्यशाला का सफल आयोजन

जांजगीर-चांपा। जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के संयुक्त तत्वावधान में “युवोदय – युवा संवाद” कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम 15 और 16 अक्टूबर 2024 को बलौदा, नवागढ़, जांजगीर और अकलतरा क्षेत्र के महाविद्यालयों में आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।

### **कार्यक्रम की शुरुआत और उद्देश्य**
कार्यशाला की शुरुआत महाविद्यालय के एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. उपेंद्र कुमार वर्मा के स्वागत उद्बोधन से हुई। उन्होंने युवाओं को समाज में जागरूकता फैलाने की अपील करते हुए कार्यशाला के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को साइबर क्राइम और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सचेत करना और उन्हें समाज में जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित करना था।

### **प्राचार्य का संदेश और साइबर क्राइम पर जागरूकता**
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. यू.एन. कुर्रे ने छात्रों को बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में युवाओं को न केवल अपनी पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए, बल्कि समाज में साइबर अपराध के प्रति जागरूकता भी फैलानी चाहिए।

### **यूनिसेफ और “युवोदय” ऐप की जानकारी**
यूनिसेफ के अकलतरा विकास खंड समन्वयक श्री नरेन्द्र कश्यप ने “युवोदय” ऐप के महत्व पर चर्चा की और बताया कि यह ऐप मानसिक स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन कौशल विकास के लिए अत्यधिक उपयोगी है। उन्होंने विद्यार्थियों से इसे डाउनलोड कर उपयोग करने की अपील की। साथ ही, अकलतरा पुलिस थाना से महिला प्रधान आरक्षक अनिता पाटले ने “अभिव्यक्ति” ऐप की जानकारी दी और इसे सुरक्षित संवाद और सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण बताया।

### **साइबर क्राइम से बचने के उपाय**
कार्यशाला के दौरान साइबर सेल प्रभारी उनि. पारस पटेल ने उपस्थित लोगों को साइबर क्राइम और ऑनलाइन ठगी से बचाव के तरीके समझाए। ASI विवेक सिंह और प्रधान आरक्षक विवेक कुमार सिंह ने विद्यार्थियों को सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के महत्व पर जोर दिया और साइबर अपराध से बचने के उपाय बताए।

### **छात्रों ने उत्साहपूर्वक लिया भाग**
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्वयंसेवक, जिसमें शिवेश कुमार मिश्रा, दीपक देवांगन, हिमांशु साहू, नंदकिशोर, रवि कुमार, नैना साहू और श्रुति सिंह शामिल थे, ने सक्रिय भागीदारी की। कार्यक्रम में उपस्थित छात्रों ने साइबर क्राइम और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े सवाल पूछकर अपने ज्ञान में वृद्धि की और कार्यक्रम को सराहा।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य केवल साइबर क्राइम और मानसिक स्वास्थ्य पर जागरूकता फैलाना नहीं था, बल्कि समाज में युवाओं की जिम्मेदारी को समझना और उन्हें सामाजिक विकास में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करना था।

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