सांप काटने से 22 महीने के मासूम की मौत: परिजन बोले– समय पर इलाज नहीं मिला; बीडीएम अस्पताल ने प्राइवेट में भेजा, सिम्स में हुई मौत

जांजगीर-चांपा, 2 अगस्त 2025 जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था की बड़ी लापरवाही सामने आई है, जहां एक 22 महीने के मासूम बच्चे की सांप के काटने से मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि बच्चे को समय पर इलाज नहीं मिला, सरकारी अस्पताल में वैक्सीन और दवाइयों की कमी बताकर निजी अस्पताल भेज दिया गया। अंततः इलाज के अभाव में मासूम ने दम तोड़ दिया।
मासूम की पहचान आयुष देवांगन के रूप में हुई है। घटना 29 जुलाई की रात की है, जब बच्चा अचानक रोने लगा और उसके सिर पर सूजन आ गई। परिवार ने सोचा कि किसी कीड़े ने काट लिया होगा, लेकिन जब बिस्तर हटाकर देखा तो पास में एक जहरीला घोड़ा करैत सांप मिला। शक होने पर परिजन उसे तत्काल बीडीएम अस्पताल ले गए।
BDM अस्पताल ने किया इलाज से इनकार, निजी अस्पताल भेजा
परिजनों का आरोप है कि बीडीएम अस्पताल में स्टाफ नर्स ने वैक्सीन और जरूरी दवाइयों की अनुपलब्धता का हवाला देते हुए निजी अस्पताल में ले जाने की सलाह दी। वहां भी इलाज संभव नहीं हो पाया, जिसके बाद बच्चे को चांपा के जिला अस्पताल लाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।






