छत्तीसगढ़

ईडी की बड़ी कार्रवाई: 103 करोड़ से अधिक की संपत्ति कुर्क, चिकित्सा उपकरण और भारतमाला मुआवजा घोटाले में शिकंजा

रायपुर। भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छत्तीसगढ़ में अपनी कार्रवाई तेज करते हुए दो बहुचर्चित घोटालों में बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने चिकित्सा उपकरण (री-एजेंट) खरीदी और भारतमाला परियोजना मुआवजा घोटाले से जुड़े मामलों में 103 करोड़ रुपये से अधिक की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया है।

जब्त की गई संपत्तियों में छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में स्थित आलीशान मकान, भूखंड और फैक्ट्रियां शामिल हैं।

चिकित्सा उपकरण घोटाले में 80.36 करोड़ की संपत्ति अटैच
ईडी की जांच में सामने आया है कि दुर्ग स्थित मोक्षित कॉरपोरेशन के संचालक शशांक चोपड़ा ने स्वास्थ्य विभाग और छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन लिमिटेड के अधिकारियों के साथ मिलकर टेंडर प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर हेरफेर किया। आरोप है कि फर्जी मांग दिखाकर चिकित्सा उपकरणों और री-एजेंट की आपूर्ति अत्यधिक ऊंची कीमतों पर की गई, जिससे सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ।

अवैध कमाई को छिपाने के लिए आरोपियों ने कई फर्जी फर्में बनाई और प्रशिक्षण के नाम पर झूठे समझौते कर नकद राशि निकाली। इस मामले में अब तक कुल 123 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की जा चुकी है, जिसमें पोर्श और मर्सिडीज जैसी लग्जरी गाड़ियां भी शामिल हैं। मुख्य आरोपी शशांक चोपड़ा फिलहाल रायपुर जेल में बंद है।

भारतमाला परियोजना में मुआवजा घोटाले का खुलासा
रायपुर-विशाखापत्तनम राष्ट्रीय राजमार्ग (भारतमाला परियोजना) के तहत जमीन अधिग्रहण में भी बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। जांच में पाया गया कि भू-माफियाओं और कुछ सरकारी कर्मचारियों ने मिलकर राजस्व रिकॉर्ड में पिछली तारीखों में बदलाव किया।

घोटाले के मुख्य आरोपी हरमीत सिंह खनूजा और उसके सहयोगियों ने जमीन मालिकों से खाली चेक और बैंकिंग दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवा लिए। अधिसूचना जारी होने के बाद जमीन का फर्जी उप-विभाजन कर मुआवजा राशि को कई गुना बढ़ा दिया गया।

जांच जारी, और कार्रवाई के संकेत
ईडी अधिकारियों के अनुसार, दोनों मामलों में जांच जारी है और आगे भी बड़े खुलासे होने की संभावना है। एजेंसी अन्य आरोपियों और संपत्तियों की पहचान कर रही है।

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