छत्तीसगढ़

धर्म स्वातंत्र्य विधेयक और कानून व्यवस्था पर कांग्रेस का प्रहार, बैज बोले—युवाओं और आदिवासियों के हक की लड़ाई जारी

रायपुर: दिल्ली के महत्वपूर्ण दौरे से वापस लौटे छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने आज राजधानी रायपुर में मीडिया से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने राज्य की विष्णुदेव साय सरकार पर कड़ा प्रहार किया और आदिवासियों के हितों से लेकर कानून व्यवस्था तक के मुद्दों पर कांग्रेस का रुख स्पष्ट किया।

आदिवासी सलाहकार परिषद का गठन

दीपक बैज ने आदिवासी समाज के संरक्षण और उनके अधिकारों की बात करते हुए बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी छत्तीसगढ़ में ‘आदिवासी सलाहकार परिषद’ का गठन करेगी। यह परिषद आदिवासियों की समस्याओं को सुनने, उनके जल-जंगल-जमीन के अधिकारों की रक्षा करने और सरकार की नीतियों की समीक्षा करने का काम करेगी।

धर्म स्वातंत्र्य विधेयक पर तीखे सवाल

राज्य सरकार द्वारा लाए गए धर्म स्वातंत्र्य विधेयक पर तंज कसते हुए बैज ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा—

“अगर यह बिल इतना ही जरूरी था, तो भाजपा ने इसे 20 साल तक लंबित क्यों रखा? चुनाव के समय ही ऐसे विधेयकों की याद क्यों आती है? सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि इतने लंबे समय तक इस पर चुप्पी क्यों साधी गई थी।”

कानून व्यवस्था और घोटालों पर प्रहार

मीडिया से बातचीत में पीसीसी चीफ ने दिल्ली में हुई आलाकमान की बैठकों का जिक्र करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में वर्तमान में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। उन्होंने राज्य में हो रहे परीक्षा घोटालों को युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया और कहा कि कांग्रेस इन मुद्दों को लेकर सड़क से सदन तक लड़ाई लड़ेगी।

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