छत्तीसगढ़
नक्सलवाद की कमर टूटी खूंखार कमांडर मल्लेश ने छोड़ी बंदूक, अब डिवीजन में बचे सिर्फ 23 माओवादी

Naxal Surrender News , कांकेर — छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में नक्सलियों के खिलाफ जारी ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ जैसे अभियानों और पुनर्वास नीति का बड़ा असर दिख रहा है। मंगलवार देर रात, प्रतिबंधित माओवादी संगठन के एक खूंखार चेहरे और डिवीजनल कमेटी मेंबर (DVCM) मल्लेश ने सुरक्षा बलों के सामने घुटने टेक दिए। मल्लेश अपनी AK-47 राइफल के साथ सीधे छोटेबेठिया स्थित BSF कैंप पहुंचा और आत्मसमर्पण कर दिया। उस पर शासन ने 8 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।






