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ESTIC 2025: युवा वैज्ञानिकों को मिलेगा बड़ा समर्थन: RDI फंड से बढ़ेगा रिसर्च कल्चर

ESTIC 2025 नई दिल्ली | 2 नवंबर 2025| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इमर्जिंग साइंस एंड टेक्नोलॉजी इनोवेशन कॉन्क्लेव (ESTIC) 2025 का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने देश में रिसर्च और डेवलपमेंट (R&D) इकोसिस्टम को नई दिशा देने के लिए 1 लाख करोड़ रुपए की “रिसर्च डेवलपमेंट एंड इनोवेशन (RDI) स्कीम” की शुरुआत की।कार्यक्रम में देश और विदेश से आए करीब 3,000 से अधिक वैज्ञानिक, उद्योगपति, शिक्षाविद और युवा इनोवेटर शामिल हुए। इस मंच पर प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आज डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) के क्षेत्र में पूरी दुनिया के लिए एक सफल मॉडल बन चुका है, और अब हमारा अगला लक्ष्य विज्ञान, तकनीक और नवाचार को उसी ऊंचाई पर ले जाना है।

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क्या है RDI स्कीम?

नई RDI स्कीम का उद्देश्य भारत में निजी क्षेत्र को R&D निवेश के लिए प्रोत्साहित करना है। इस स्कीम के तहत सरकार 1 लाख करोड़ रुपए का कोष तैयार करेगी, जो अगले 6 वर्षों में विभिन्न परियोजनाओं को फंड करेगा।इस राशि का उपयोग देश में उभरते विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्रों — जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्वांटम टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर, बायो-टेक्नोलॉजी, क्लाइमेट साइंस, डीप टेक और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग — में किया जाएगा।

सरकार इस फंड को कम ब्याज वाले ऋण, इक्विटी निवेश और फंड-ऑफ-फंड्स मॉडल के रूप में उपलब्ध कराएगी, ताकि निजी उद्योग, स्टार्टअप और शोध संस्थान बड़े स्तर पर नवाचार परियोजनाओं में निवेश कर सकें।

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प्रधानमंत्री मोदी ने क्या कहा

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा —

“भारत ने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से जो सफलता हासिल की है, उसकी चर्चा आज पूरी दुनिया में हो रही है। अब हमें वही सफलता विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में दोहरानी है। हमें ऐसा R&D इकोसिस्टम बनाना है जो न सिर्फ भारत के लिए, बल्कि दुनिया के लिए भी उदाहरण बने।”

उन्होंने आगे कहा कि इस स्कीम से भारत में “नवाचार आधारित विकास” (Innovation-led Growth) को गति मिलेगी। मोदी ने निजी क्षेत्र से भी आग्रह किया कि वे केवल उत्पादन में ही नहीं, बल्कि अनुसंधान और नई तकनीकों में भी निवेश बढ़ाए।

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