Custom Milling Crisis: राइस मिलिंग पर पड़ी ब्रेक, रैक इंतजार में सरकार की पहल जरूरी

Custom Milling Crisis रायपुर| छत्तीसगढ़ में राइस मिलिंग उद्योग इस समय गंभीर संकट से गुजर रहा है। बीते खरीफ सीजन के अधिशेष धान से तैयार चावल को सेंट्रल पूल में भेजने के लिए केंद्र सरकार से मिली 8 लाख मीट्रिक टन चावल की स्वीकृति के बावजूद, रेलवे रैक की अनुपलब्धता ने मिलिंग व्यवस्था को लगभग ठप कर दिया है।
Bihar assembly elections: छठ पर्व के बाद बिहार में होगा मतदान? EC की प्रेस वार्ता आज
राज्य के करीब 90% राइस मिलों में कार्य रुक चुका है, क्योंकि मिलों में तैयार चावल का ढेर जमा हो गया है और अब स्टोरेज की भारी किल्लत के चलते मिलर्स नया धान उठाने की स्थिति में नहीं हैं।
फर्जी NGO घोटाला: मंत्री-आईएएस समेत 14 लोगों पर शिकंजा, CBI ने जब्त की फाइलें
मिलर्स ने उठाई आवाज़
छत्तीसगढ़ राइस मिलर्स एसोसिएशन के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष योगेश अग्रवाल ने राज्य सरकार से मांग की है कि रेक की व्यवस्था तत्काल कराई जाए ताकि तैयार चावल का स्टॉक हटाकर नया धान उठाया जा सके।
उनका कहना है कि यदि समय पर रेक उपलब्ध नहीं कराई गई तो आने वाले दिनों में धान मिलिंग पूरी तरह ठप हो सकती है, जिससे न केवल मिलर्स बल्कि किसानों को भी नुकसान उठाना पड़ेगा।






