छत्तीसगढ़

वीवीआईपी काफिले ने रोकी जिंदगी की रफ्तार – जाम में फंसी एम्बुलेंस, सायरन बजता रहा, लोग बेबस खड़े रहे!

रायपुर। अक्सर प्रधानमंत्री मोदी के काफिले के दौरान एम्बुलेंस को रास्ता देने के वीडियो देशभर में चर्चा का विषय बनते हैं, लेकिन छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक शर्मसार कर देने वाली तस्वीर सामने आई है। गुरुवार शाम भांटागांव चौक पर राज्यपाल के काफिले की आवाजाही के चलते ट्रैफिक करीब 20 मिनट तक पूरी तरह थमा रहा।

ट्रैफिक पुलिस ने ओवरब्रिज और सर्विस रोड दोनों तरफ वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी। देखते ही देखते सैकड़ों गाड़ियां कतार में खड़ी हो गईं और लोगों की बेचैनी बढ़ने लगी। इसी जाम में जिंदगी की जंग लड़ती एक एम्बुलेंस भी फंस गई। एम्बुलेंस का सायरन लगातार गूंजता रहा, लेकिन भारी भीड़ और वीवीआईपी काफिले की प्राथमिकता के आगे उसकी आवाज बेबस रह गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, एम्बुलेंस में किसी मरीज की हालत नाजुक बताई जा रही थी। आसपास खड़े वाहन चालक कोशिश करते रहे कि थोड़ी सी भी जगह बना सकें, मगर सब कुछ ठप था। करीब 15 मिनट तक एम्बुलेंस सायरन बजाते हुए जाम में ही फंसी रही। जैसे ही राज्यपाल का काफिला वहां से आगे बढ़ा, उसके बाद ट्रैफिक खुल सका और एम्बुलेंस को रास्ता मिला।

यह दृश्य देखकर कई लोग आक्रोशित हो उठे। कुछ ने सवाल किया कि क्या किसी वीवीआईपी की सुरक्षा के नाम पर किसी मरीज की जान से बड़ा कोई प्रोटोकॉल हो सकता है? वहीं कुछ लोग मोबाइल से वीडियो बनाते नजर आए और सोशल मीडिया पर प्रशासन की आलोचना भी की।

इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या वीवीआईपी व्यवस्था आम लोगों की जिंदगी से ज्यादा अहम है? अगर किसी मरीज को इस देरी में कुछ हो जाता, तो जिम्मेदार कौन होता?

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