छत्तीसगढ़

व्याख्याता से जिला शिक्षा अधिकारी बने टीकाराम साहू ने भ्रष्टाचार में बनाया कीर्तिमान, स्वयं के साथ पत्नी के नाम बनाई करोड़ों की संपत्ति, जानिए पूरा लेखा-जोखा…

रायपुर। बिलासपुर जिला शिक्षा अधिकारी टीकाराम साहू के ठिकानों पर की छापेमारी के बाद दर्ज कराए गए एफआईआर में जो जानकारी है, वह सरकारी महकमें, खासतौर से शिक्षा विभाग की सड़ंध को बताने के लिए काफी है. एसीबी की एफआईआर में उनके करीबन 35 साल के कार्यकाल में खड़ी की गई अकूत संपत्ति का पूरा ब्यौरा है. एसीबी की एफआईआर में दी गई जानकारी के अनुसार, डीईओ साहू ने खुद के नाम 9 और आत्मानंद स्कूल में पदस्थ अपनी शिक्षिका पत्नी पूर्णिमा साहू के नाम 15 सम्पत्तियाँ खरीदी. इसमें रिहायशी प्लॉट्स के अलावा कृषि भूमि भी शामिल है. ये सभी प्रॉपर्टी कबीरधाम जिले में खरीदी गई. यही नहीं रजिस्ट्री स्टाम्प की कीमत ही करोड़ों में बताई गई है. इसमें अहम बात को सामने आई है कि डीईओ के निवास से एसीबी-ईओडब्ल्यू की टीम को कुछ खास नगद हासिल नहीं हुआ.

बिलासपुर जिला शिक्षा अधिकारी टीकाराम साहू के खिलाफ राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो में उप पुलिस अधीक्षक के पद पर पदस्थ संजय दिनकर देवस्थले ने ईओडब्ल्यू में रिपोर्ट दर्ज कराई है. इसमें बताया गया कि लोक सेवक के रूप में कार्य करते हुए टीआर साहू ने स्वयं एवं परिवार के सदस्यों के नाम से ज्ञात आय के स्त्रोत से काफी अधिक करोड़ों रुपए की अचल संपत्तियां अर्जित की.

एफआईआर में टीकाराम साहू के नाम पर दर्ज 16 संपत्तियों का और उनकी पत्नी पूर्णिमा साहू के नाम पर दर्ज 7 संपत्तियों का ब्यौरा दिया गया है.

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