छत्तीसगढ़

पटना हाईकोर्ट के फैसले पर रोक से SC का इनकार:बढ़ी आरक्षण सीमा पर रोक को बिहार सरकार ने दी थी चुनौती; सितंबर में होगी सुनवाई

बिहार में आरक्षण बढ़ाने पर सोमवार (29 जुलाई) को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने फिलहाल हाईकोर्ट के उस फैसले पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है, जिसमें पटना हाईकोर्ट ने आरक्षण सीमा बढ़ाने के फैसले को रद्द कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट इस पर सुनवाई को तैयार हो गया है। सितंबर में मामले पर सुनवाई होगी।

बता दें कि बिहार सरकार ने पटना हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। हाईकोर्ट ने आरक्षण सीमा बढ़ाने के फैसले को 20 जून को खारिज कर दिया था।

राज्य सरकार ने शिक्षण संस्थानों और सरकारी नौकरियों में SC-ST, OBC और EBC को 50 फीसदी से बढ़ाकर 65 फीसदी आरक्षण देने का फैसला लिया था। इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी।

हाईकोर्ट ने क्यों रद्द किया था फैसला ?

याचिकाकर्ता ने तर्क दिया था कि रिजर्वेशन इन कैटेगरी की आबादी की बजाय इनके सामाजिक और शिक्षा में पिछड़ेपन पर आधारित होना चाहिए। बिहार सरकार का फैसला संविधान के अनुच्छेद 16(1) और अनुच्छेद 15(1) का उल्लंघन बताया था। अनुच्छेद 16(1) राज्य के तहत किसी भी कार्यालय में रोजगार या नियुक्ति से संबंधित मामलों में सभी नागरिकों के लिए समानता का अवसर प्रदान करता है। अनुच्छेद 15(1) किसी भी प्रकार के भेदभाव पर रोक लगाता है।

75 फीसदी हुआ था आरक्षण का दायरा

जातीय गणना की सर्वे रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद सरकार ने आरक्षण का दायरा बढ़ाकर OBC, EBC, दलित और आदिवासियों का आरक्षण 65 फीसदी कर दिया था। इसमें आर्थिक रूप से पिछड़े सवर्णों को बिहार में सरकारी नौकरियों और उच्च शैक्षणिक संस्थानों में मिलने वाले 10 प्रतिशत आरक्षण को मिलाकर कोटा को बढ़ाकर 75 प्रतिशत तक कर दिया गया था।

Related Articles

Back to top button