पामगढ़: नहर में गिरी अनियंत्रित ईको कार, टला बड़ा हादसा; पत्रकारों और 112 की टीम ने बचाई 8 लोगों की जान

इस दुर्घटना की खबर को मीडिया या अखबार के प्रारूप में नीचे संक्षेप में तैयार किया गया है:
पामगढ़: नहर में गिरी अनियंत्रित ईको कार, टला बड़ा हादसा; पत्रकारों और 112 की टीम ने बचाई 8 लोगों की जान
पामगढ़ (जांजगीर-चांपा): जिले के पामगढ़ क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम कुटरा के पास रविवार रात करीब 11 बजे एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। एक विवाह समारोह से लौट रही ईको कार अनियंत्रित होकर नहर में जा गिरी। कार में बच्चों समेत कुल 8 लोग सवार थे। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई और सभी सुरक्षित हैं।
शादी से लौट रहा था परिवार: जानकारी के अनुसार, पीड़ित परिवार ग्राम मेहंदा में आयोजित एक शादी समारोह में शामिल होने आया था। वहां से सभी लोग ईको कार में सवार होकर अपने गृह ग्राम लिमतरी (जिला बलौदाबाजार) लौट रहे थे, तभी कुटरा के पास कार हादसे का शिकार हो गई।
पत्रकारों और पुलिस की तत्परता आई काम: हादसे के वक्त जांजगीर से लौट रही पत्रकारों की एक टीम वहां से गुजर रही थी। घायल महिलाओं की पुकार सुनकर पत्रकारों ने तुरंत डायल 112 और पामगढ़ पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस और 112 की टीम ने सभी घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला और पामगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है।
अधूरी रेलिंग पर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा: इस हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जांजगीर से बलौदाबाजार को जोड़ने वाले इस मुख्य मार्ग पर नहर के पुल के केवल एक तरफ ही सुरक्षा रेलिंग लगी है। दूसरी तरफ रेलिंग न होने के कारण यहाँ लगातार हादसे हो रहे हैं। कुछ दिन पहले ही यहाँ दो बाइक सवार भी दुर्घटनाग्रस्त हुए थे। ग्रामीणों ने मांग की है कि किसी बड़ी अनहोनी से पहले प्रशासन यहाँ जल्द से जल्द सुरक्षा रेलिंग का निर्माण कार्य पूरा कराए।






