छत्तीसगढ़

*जमीन रजिस्ट्री धोखाधड़ी मामले में दो आरोपी गिरफ्तार, जांजगीर पुलिस की त्वरित कार्रवाई*

जांजगीर-चांपा।* जांजगीर-चांपा जिले में जमीन के धोखाधड़ी के एक मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों पर दूसरे की जमीन को बताकर रजिस्ट्री करने और लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है। मामले में थाना जांजगीर पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।

प्रार्थी अनिलदास महंत ने आरोप लगाया था कि वर्ष 2022 में सुरेश महंत और उनके साथी नंदलाल उर्फ आनंदराम कश्यप ने उन्हें मुनुन्द रोड पर स्थित शुभकामना सिटी कॉलोनी में एक 1BHK मकान और जमीन बेचने की पेशकश की थी। 9 लाख रुपये में तय सौदे के तहत 30 जून 2022 को रजिस्ट्री कराई गई। प्रार्थी मकान को लोन पर लेना चाहता था, जिसके लिए आरोपियों ने उसे बिलासपुर के एक बैंक से संपर्क कराया और 2.74 लाख रुपये जमा करवाए। इसके बाद, बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से 6.10 लाख रुपये का लोन प्रार्थी के नाम से स्वीकृत किया गया, लेकिन यह राशि प्रार्थी की जानकारी के बिना नंदलाल उर्फ आनंदराम के खाते में स्थानांतरित कर दी गई।

प्रार्थी जब मकान बनाने के बारे में आरोपियों से पूछता, तो उसे बार-बार झूठे आश्वासन दिए जाते थे। जब इस मामले की सच्चाई सामने आई, तो पता चला कि आरोपियों ने जिस जमीन की रजिस्ट्री करवाई थी, वह कॉलोनी की जमीन नहीं थी, बल्कि कृषि भूमि थी, जो कहीं और स्थित थी। इस धोखाधड़ी का खुलासा होने के बाद प्रार्थी ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई।

**पुलिस की कार्रवाई**
मामले की जांच के दौरान, पुलिस ने पाया कि आरोपियों ने जानबूझकर गलत जानकारी देकर प्रार्थी के साथ धोखाधड़ी की थी। श्री विवेक शुक्ला (IPS), पुलिस अधीक्षक जांजगीर-चांपा के निर्देशन में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार किया और बताया कि उन्होंने ठगी की रकम को खर्च कर दिया है।

**आरोपियों की गिरफ्तारी**
नंदलाल उर्फ आनंदराम कश्यप और सुरेश महंत के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 34, और 120(बी) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। 11 अक्टूबर 2024 को दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है और मामले की जांच जारी है।

**पुलिस टीम का योगदान**
इस पूरी कार्रवाई में निरीक्षक प्रवीण कुमार द्विवेदी, थाना प्रभारी जांजगीर, सहायक उपनिरीक्षक रामप्रसाद बघेल, प्रधान आरक्षक राजकुमार चंद्रा, आरक्षक शिवराय सागर और साइबर सेल के प्रधान आरक्षक विवेक सिंह का विशेष योगदान रहा। उनकी तत्परता और समर्पण से यह धोखाधड़ी का मामला जल्द सुलझाया जा सका है।

पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संपत्ति के लेन-देन के दौरान सावधानी बरतें और धोखाधड़ी से बचने के लिए सभी दस्तावेजों की अच्छी तरह से जांच कर लें।

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