छत्तीसगढ़

1-20 रुपए के नोटों का नंबर होता था कोडवर्ड

महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप से मिलने वाली करोड़ों की काली कमाई को हवाला के जरिए अलग-अलग लोगों तक भेजा जाता था। रायपुर में ऑफिस खोलकर एक-दो रुपए के नोट के नंबर (कोड वर्ड) से हवाला के जरिए रकम दूसरे राज्यों में भेजी जाती थी। इस मामले में दुर्ग पुलिस ने हवाला कारोबारी नीरू भाई समेत 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस इस मामले को ED को सौंपेगी।

दुर्ग एसपी जितेंद्र शुक्ला ने बताया कि, सबसे पहले भिलाई के रुआबांधा निवासी मुख्य आरोपी विनय कुमार यादव को पकड़ा गया। पुलिस रिमांड में उससे सख्ती से पूछताछ की गई। उसने बताया कि रायपुर के शंकर नगर स्थित एक ऑफिस से हवाला के जरिए रकम भेजता था।

छापेमारी में 80 लाख कैश मिला था

आरोपी विनय यादव की निशानदेही पर दुर्ग पुलिस ने मंगलवार रात 10.30 बजे शंकर नगर के उसी ऑफिस में छापेमारी की थी, जहां से उसने हवाला के जरिए रकम भेजने की बात कही थी। छापे के दौरान यहां से 80 लाख रुपए कैश और कागज के कई बंडल मिले। जिनमें गुजराती भाषा में पूरा हिसाब-किताब लिखा हुआ था।

एसपी का कहना है कि वे उस कागज पर लिखी गई रकम और भाषा को एक्सपर्ट से पढ़वाएंगे। आरोपियों से पूछताछ में बड़ा खुलासा हो सकता है। इसके साथ ही पुलिस ने बड़ी संख्या में मोबाइल और नोट गिनने की 3 मशीनें भी जब्त की हैं।

इन आरोपियों को किया गया गिरफ्तार

पुलिस ने इस मामले में कुल चार आरोपियों को पकड़ा है। मास्टरमाइंड पवन सिंह के बाद उसकी निशानदेही पर 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें शक्ति सिंह जटेजा (26 वर्ष), जयेन्द्र सिंह जटेजा उर्फ नीरू भाई (21 वर्ष) और आकाश कुमार दवे (31 वर्ष) शामिल हैं। ये सभी मूल रूप से गुजरात के धरमोड़ा गांव के रहने वाले हैं।

1-2, 5-10 और 20 रुपए के नोट होते थे टोकन नंबर

आरोपियों ने बताया कि, उनके यहां से ऑनलाइन सट्टे से मिलने वाली रकम को हवाला के जरिए एक से दूसरी जगह भेजा जाता था। वे अपने मोबाइल फोन से एक से 20 रुपए तक के नोटों के नंबरों की फोटो खींचकर ग्राहकों को भेजते थे। जो भी व्यक्ति उनके दफ्तर में वह टोकन नंबर दिखाता था, उसे हवाला का पैसा थमा दिया जाता था।

आरोपी दिनेश भाई व्यास की तलाश में पुलिस

दुर्ग पुलिस ने बताया कि, हवाला का कारोबार दिनेश भाई व्यास नाम के व्यक्ति के जरिए संचालित किया जाता था। वह अहमदाबाद में रहता है। पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए एक टीम को अहमदाबाद भेजा है। दिनेश की गिरफ्तारी के बाद बड़ा खुलासा होने की उम्मीद है।

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