छत्तीसगढ़

जांजगीर: हादसे के 22 घंटे बाद हुआ पीएम, एक ही चिता पर पिता और पुत्र का अंतिम संस्कार

जांजगीर. बिलासपुर-मुलमुला हाइवे पर शनिवार को रेमंड मोड़ के पास हुए हादसे में पिता, पुत्र व नातिन की मौत के बाद शुरू हुआ चक्काजाम 11 घंटे बाद रात करीब ढ़ाई बजे तक चला। इसके बाद प्रशासन के दखल पर ट्रांसपोर्टर ने ढाई लाख और प्रशासन ने तीन मौतों पर 75 हजार सहित सवा तीन लाख रुपए मुआवजा दिया आैर न्युवोको सीमेंट कंपनी में उसके बेटे को नौकरी देने का आश्वासन दिया गया, तब जाकर आंदोलन खत्म हुआ। पामगढ़ में तीन शवों का पोस्टमार्टम रविवार को घटना के 22 घंटे बाद हुआ। फिर पिता- पुत्र दोनों के शव को एक ही चिता पर रखकर अंतिम संस्कार किया। तीन साल की बच्ची को दफनाया गया।

मुलमुला थाना क्षेत्र के रेमंड मोड़ के पास 27 अप्रैल को कोनारगढ़ निवासी रामकुमार कश्यप, चंद्रप्रकाश, आशा और सतरूपा कश्यप, आशा का बर्थडे मनाने के ​लिए परसदा जा रहे थे। दोपहर करीब 12.30 बजे बिलासपुर की ओर से आ रहा एक खाली ट्रक के ड्राइवर ने लापरवाहीपूर्वक ट्रक चलाते हुए बाइक रेमंड मोड़ पर उनकी बाइक को पीछे से टक्कर मार दी थी। इससे रामकुमार, चंद्रप्रकाश और आशा की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं सतरूपा गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसे बिलासपुर रेफर किया गया था। अंतिम संस्कार के लिए एक ही चिता रखा पिता और पुत्र का शव।

समझाइश के बाद भी ग्रामीण आंदोलन खत्म नहीं कर रहे थे। पुलिस को आशंका थी कि रात में आंदोलन और उग्र हो सकता है, इसलिए देर रात पुलिस लाइन से बड़ी संख्या में बल मुलमुला बुला लिया था। इसके बाद भी वहां लोग थाना के सामने आंदोलन में बैठे रहे। देर रात मौके पर एडीएम एसपी वैद्य, एसडीएम वहिदुर्रहमान, तहसीलदार बजरंग साहू सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और ट्रांसपोर्टर की ओर से 2.50 लाख रुपए और प्रशासन की ओर से 25-25 हजार मुआवजा सहित प्लांट में नौकरी आश्वासन दिया। 11 घंटे बाद चक्काजाम खत्म करवाया गया।

देर रात शांत हुआ मामला ^देर रात मामला शांत हुआ। पीड़ित को ट्रांसपोर्टर द्वारा 2.5 लाख तथा प्रशासन द्वारा 75 हजार रुपए दिए गए तब मामला शांत हुआ। महिला की भी मौत की जानकारी दी जा रही थी, लेकिन उसका इलाज चल रहा है। – एसपी वैद्य, एडीएम, जांजगीर

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