छत्तीसगढ़

बरसात में सड़क हादसों पर रोक के लिए जांजगीर-चांपा पुलिस की पहल, एसपी ने पशु चिकित्सकों और गौवंश संरक्षकों के साथ की समन्वय कार्यशाला

जांजगीर-चांपा। जिले में सड़क सुरक्षा, गौवंश संरक्षण और आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय (आईपीएस) के मार्गदर्शन में रविवार को जिले के सभी पशु चिकित्सकों एवं गौवंश संरक्षकों की एक दिवसीय समन्वय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में बरसात के मौसम में सड़कों पर विचरण करने वाले मवेशियों से होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम पर विशेष जोर दिया गया।

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य पुलिस, पशु चिकित्सा विभाग और गौवंश संरक्षण से जुड़े स्वयंसेवकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना, आपसी संपर्क व्यवस्था को मजबूत बनाना तथा आपात स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना था।

बैठक को संबोधित करते हुए एसपी विजय कुमार पाण्डेय ने कहा कि बरसात के दौरान बड़ी संख्या में मवेशी सड़कों पर बैठे या घूमते नजर आते हैं, जिससे सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में पुलिस, पशु चिकित्सा विभाग और गौवंश संरक्षकों की संयुक्त जिम्मेदारी है कि समय रहते आवश्यक कदम उठाकर दुर्घटनाओं को रोका जाए और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

कार्यशाला में इस बात पर विशेष चर्चा हुई कि सड़क पर बैठे या घूम रहे पशुओं की सूचना मिलते ही संबंधित टीम तत्काल मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई करे। वहीं, यदि किसी पशु के घायल होने की सूचना मिले तो संबंधित पशु चिकित्सक बिना विलंब घटनास्थल पर पहुंचकर प्राथमिक उपचार एवं आवश्यक चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराएं, ताकि पशुओं का जीवन बचाया जा सके।

बैठक में भविष्य में पुलिस, पशु चिकित्सा विभाग और गौवंश संरक्षकों के बीच निरंतर संवाद बनाए रखने का निर्णय भी लिया गया। इसके लिए सभी संबंधित अधिकारियों और स्वयंसेवकों के मोबाइल नंबर साझा कर एक प्रभावी संपर्क तंत्र विकसित करने पर सहमति बनी, जिससे किसी भी सूचना पर तत्काल समन्वित कार्रवाई की जा सके।

कार्यक्रम में उप संचालक पशु चिकित्सा विभाग ए. एल. सिंह, डॉ. ओगरे, विभिन्न विकासखंडों के पशु चिकित्सक तथा जिले के गौवंश संरक्षक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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