छत्तीसगढ़

चैतुरगढ़ के जंगल में बाघ की दहशत, ग्रामीणों में खौफ का माहौल, भैंस का शिकार, पदचिन्ह मिलने के बाद वन विभाग सतर्क

कोरबा। कोरबा जिले के कटघोरा वन मंडल अंतर्गत पाली वन परिक्षेत्र के चैतुरगढ़ क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत फैल गई है। बीते दो-तीन दिनों से यहां बाघ देखे जाने की खबरें सामने आ रही हैं। बताया जा रहा है कि बाघ ने एक ग्रामीण की भैंस का शिकार भी किया है।

आज सुबह जब एक ग्रामीण जंगल की ओर गया तो उसने भैंस को मृत अवस्था में पाया, जिसके शरीर पर जंगली जानवर द्वारा किए गए शिकार के गहरे निशान स्पष्ट दिखाई दे रहे थे। ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना वन विभाग को दी, जिसके बाद विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।

वन विभाग के एसडीओ चंद्रकांत ने बताया कि घटनास्थल पर मिले पदचिन्हों से यह प्रतीत होता है कि यह बाघ है जिसने भैंस का शिकार किया है। हालांकि, अभी पुष्टि के लिए ट्रैकिंग की जा रही है ताकि पूरी तरह स्पष्ट हो सके कि यह बाघ ही है।

गौरतलब है कि चैतुरगढ़ की पहाड़ी अचानकमार टाइगर रिजर्व से जुड़ी हुई है, जो वन्यजीवों के लिए एक प्राकृतिक कारीडोर का काम करती है। गर्मियों में अक्सर बाघ, तेंदुआ, शेर जैसे जानवर इस क्षेत्र में पानी और चारे की तलाश में आते-जाते रहते हैं। पिछले वर्ष भी इस क्षेत्र में शेर की मौजूदगी की पुष्टि वन विभाग द्वारा की गई थी।

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