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डकैत गिरफ्तार : करोड़ों का डाका डालने का था प्लान,, पूछताछ में चौकाने वाला प्लान आया सामने

कोरबा जिले के बालको थाना क्षेत्र में पुलिस ने डकैती की बड़ी साजिश का खुलासा करते हुए 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। साइबर सेल, तकनीकी विश्लेषण, CCTV जांच और विशेष टीम की संयुक्त कार्रवाई से यह सफलता मिली। आरोपी एक करोड़ रुपए से अधिक की संभावित लूट की योजना बनाकर रैकी कर चुके थे, लेकिन पुलिस गश्त और ग्रामीणों की सतर्कता के कारण घटना को अंजाम नहीं दे सके।

कोरबा/। कोरबा जिले के बालको थाना क्षेत्र में डकैती की एक बड़ी साजिश को पुलिस ने विफल करते हुए 19 आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस की यह कार्रवाई बीते कुछ दिनों से लगातार संदेह के दायरे में आ रही गतिविधियों के आधार पर की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक कोरबा श्री सिद्धार्थ तिवारी के निर्देश पर एक विशेष जांच टीम गठित की गई, जिसने तकनीकी और मैदानी स्तर पर संयुक्त प्रयास कर आरोपियों को गिरफ्तार किया।
तकनीक और सूचना तंत्र की मदद से हुई बड़ी सफलता
अपराध क्रमांक 707/2025, धारा 310(2), 310(4), 61 भारतीय न्याय संहिता (BNS) एवं 25, 27 आर्म्स एक्ट के तहत पंजीबद्ध इस मामले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीतिश ठाकुर, नगर पुलिस अधीक्षक भूषण एक्का तथा नगर पुलिस अधीक्षक दर्री विमल पाठक की निगरानी में जांच आगे बढ़ाई गई।जांच के लिए कुल 5 पुलिस टीमों का गठन किया गया, जिसमें विभिन्न थाना क्षेत्रों के अधिकारी–कर्मचारी तथा साइबर सेल कोरबा शामिल थे। इन टीमों में कुल 50 अधिकारी-कर्मचारी लगे हुए थे।
एक टीम ने घटनास्थल पर कैंप किया,

जबकि अन्य टीमों को CCTV फुटेज जांच, तकनीकी विश्लेषण, सूचना संकलन एवं संदिग्धों की पहचान जैसी जिम्मेदारियाँ सौंपी गई थीं।लगातार जांच से संदिग्ध गतिविधियों की पुष्टि हुई और आरोपियों की पहचान संभव हो सकी।

डकैती की साजिश: रैकी कर चुके थे आरोपी
पुलिस के अनुसार 06 नवंबर 2025 और 11 नवंबर 2025 को ग्राम तरईडाँड़ निवासी शत्रुघन दास के घर में लगभग एक करोड़ रुपए होने की जानकारी मुख्य आरोपी चन्दकांत डिसेना तक पहुँची। इसके बाद उसने अपने साथियों को बुलाकर एक संगठित डकैती की योजना बनाई।

योजना में साहेब दास, पवनपूजन सिंह, रणु साहू, गोरेलाल पटेल, रितेश श्याम, गुनितराम पटेल सहित अन्य आरोपी शामिल थे।

आरोपी अलग-अलग वाहनों से रात के समय गाँव पहुँचे।

उन्होंने घर और आसपास के इलाके की रैकी भी की,

लेकिन ग्रामीणों की सतर्कता और पुलिस की सक्रिय गश्त के चलते घटना को अंजाम दिए बिना वापस लौट गए।

जांच में यह भी सामने आया कि साहेब दास और नरसिंह दास ने पीड़ित परिवार एवं संपत्ति से संबंधित जानकारी आरोपियों को उपलब्ध कराई थी।

गिरफ्तार किए गए 19 आरोपी
पुलिस ने जिन 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें कोरबा, कटघोरा, दर्री, जांजगीर-चांपा और हरदीबाजार क्षेत्र के व्यक्ति शामिल हैं। इसमें साहेब दास, विदेशी दास, सुनील दास, नंदकिशोर राठौर, पवनपूजन सिंह, संतोष कुमार श्रीवास, उमेश सिंह ठाकुर, समार सिंह, कलेश्वर सिंह, रतिराम सिंह, चन्दकांत डिसेना, नरसिंह दास, श्याम जायसवाल, गोरेलाल पटेल, रितेश श्याम, गुनितराम पटेल, शंकर पटेल, प्रदीप यादव और अर्जुन विश्वकर्मा शामिल हैं।पुलिस ने सभी आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है और इस गिरोह से जुड़े अन्य संभावित सदस्यों की भी तलाश कर रही है।

जांच में सामने आए प्रमुख तथ्य
साइबर सेल द्वारा तकनीकी विश्लेषण में संदिग्ध नंबर और लोकेशन की पुष्टि

CCTV में संदिग्ध वाहनों की गतिविधि कैद

गाँव में रैकी किए जाने के स्पष्ट सबूत

मुख्य आरोपियों की भूमिकाओं की पुष्टि

मुखबिरों द्वारा उपलब्ध कराई गई महत्वपूर्ण सूचनाओं ने सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई

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