छत्तीसगढ़

40 हजार रिश्वत लेने के आरोप में आरक्षक निलंबित, जांच के आदेश

जांजगीर-चांपा जिले में भ्रष्टाचार के एक मामले में पुलिस विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए एक आरक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। जमीन में कब्जा दिलाने के नाम पर 40 हजार रुपये लेने की शिकायत सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पंतोरा निवासी विकाश देवांगन ने चौकी पंतोरा में पदस्थ आरक्षक क्रमांक 396 रमेश त्रिपाठी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि आरक्षक द्वारा जमीन में कब्जा दिलाने के नाम पर 40 हजार रुपये की मांग कर राशि ली गई।

प्राथमिक जांच में गंभीरता के बाद कार्रवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक कार्यालय जांजगीर-चांपा ने प्रथम दृष्टया आरोपों को गंभीर मानते हुए आरक्षक रमेश त्रिपाठी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। साथ ही उन्हें रक्षित केंद्र जांजगीर में संबद्ध किया गया है।

निलंबन अवधि के दौरान संबंधित आरक्षक को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।

7 दिन में जांच रिपोर्ट देने के निर्देश

पुलिस अधीक्षक ने मामले की विस्तृत जांच के लिए अनुविभागीय अधिकारी पुलिस अकलतरा को निर्देशित किया है। शिकायत पत्र की प्रति संलग्न करते हुए 7 दिनों के भीतर प्राथमिक जांच कर सभी संबंधित दस्तावेजों के साथ रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है।

विभागीय स्तर पर भी कार्रवाई जारी

इस मामले की सूचना अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, रक्षित निरीक्षक सहित संबंधित विभागों को भी भेज दी गई है, ताकि आवश्यक विभागीय कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके। चौकी प्रभारी पंतोरा को भी आदेश की प्रति उपलब्ध कराते हुए संबंधित आरक्षक को इसकी जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं।

भ्रष्टाचार पर सख्त रुख

इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि पुलिस विभाग भ्रष्टाचार के मामलों में सख्त रुख अपनाते हुए दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई कर रहा है। अब सभी की नजरें आगामी जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे पूरे मामले का खुलासा हो सकेगा।

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