छत्तीसगढ़

बिश्केक में बाहरी-लोकल के विवाद के बाद बढ़ी हिंसा:किर्गिस्तान में छत्तीसगढ़ के 70 स्टूडेंट फंसे, छात्रा बोली-वापस घर भेज रहे हैं

किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में लोकल और बाहरी छात्रों के विवाद में पाकिस्तान, बांग्लादेश और भारत के स्टूडेंट के लिए खतरा बढ़ गया है। इस विवाद में जांजगीर-चांपा जिले के लगभग 20 छात्र-छात्राओं सहित छत्तीसगढ़ के लगभग 70 स्टूडेंट्स फंस गए हैं।

किर्गिस्तान की मीडिया के मुताबिक 13 मई को किर्गिज छात्रों और मिस्र के मेडिकल छात्रों के बीच लड़ाई का वीडियो इंटरनेट पर शेयर होने के बाद मामले ने तूल पकड़ा और स्थानीय छात्रों ने दूसरे देश के छात्रों के हॉस्टल पर हमला शुरू कर दिया।

हॉस्टल के बाहर सेना की तैनाती से फिलहाल स्थिति काबू में है, लेकिन सुरक्षा के मद्देनजर यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने ऑनलाइन क्लास शुरू करने के साथ-साथ स्टूडेंट्स को उनके देश वापस भेजना शुरू कर दिया है। इसका पूरा खर्चा भी स्टूडेंट्स को ही उठाना पड़ रहा है। फ्लाइट टिकट के लिए उन्हें 30 हजार रुपए का भुगतान करना पड़ रहा है। इससे उन्हें आ​र्थिक परेशानियों का भी सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में उन्होंने भारत सरकार से मदद मांगी है।

हॉस्टल से निकलने की मनाही

मैं बिश्केक की आईएचएमएस यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस की शिक्षा ले रही हूं। 18 मई को छात्रों के बीच विवाद के बाद लोकल छात्रों ने बाहरी छात्रों के हॉस्टल में हमला कर दिया। इससे कॉलेज जाना बंद हो गया है। चारों तरफ दहशत का माहौल है। फिलहाल मैं ऑनलाइन शिक्षा ले रही हूं।

इस घटनाके बाद हमें हॉस्टल से बाहर जाने से मना कर दिया गया। लोकल मैनेजमेंट हेल्प कर रहा है। वह भोजन हॉस्टल में ही भिजवा रहे हैं। अभी माहौल कुछ ठीक है, पर छात्रों को अब भी बाहर निकलने नहीं दे रहे हैं। सभी को घर भेजा जा रहा है। मैंने घर जाने का प्रोग्राम बदल कर 26 मई की टिकट बुक कराया है।
जैसा बिश्केक से शिवानी तंबोली ने भास्कर को बताया।

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