बम्हनीडीह –तालाब की सफाई के नाम पर दशकों पुराने पेड़ों की कटाई, ग्रामीणों ने उठाए सवाल*
जलकुंभी जस की तस, किनारे पड़े पेड़ों के कटे तने और डालियां; अनुमति को लेकर भी सवाल

बम्हनीडीह /रामकिशन जायसवाल / नगर पंचायत बम्हनीडीह के भगवानगढ़ी मोहल्ला स्थित बड़े तालाब में साफ-सफाई के नाम पर दशकों पुराने पीपल और बरगद के पेड़ों की कटाई का मामला सामने आया है। पेड़ों की कटाई से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें तालाब किनारे विशाल पेड़ों को काटकर गिराया गया है। कटे हुए तने और डालियां तालाब के भीतर तथा आसपास बिखरी नजर आ रही हैं। मौके पर मशीन भी खड़ी दिखाई दे रही है, जबकि बड़ी संख्या में ग्रामीण भी वहां मौजूद हैं।
सफाई के नाम पर पेड़ों की कटाई पर सवाल
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि तालाब की सफाई के नाम पर हरे-भरे और वर्षों पुराने पेड़ों को काटा जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि उद्देश्य तालाब की सफाई है तो पहले तालाब में फैली जलकुंभी और अन्य गंदगी को हटाया जाना चाहिए, लेकिन जलकुंभी अब भी तालाब में मौजूद है। ऐसे में पेड़ों की कटाई को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
अध्यक्ष के इशारे पर कटाई का आरोप
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पेड़ों की कटाई नगर पंचायत अध्यक्ष के इशारे पर कराई जा रही है। हालांकि इस आरोप की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। मामले में नगर पंचायत प्रशासन का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।
अनुमति और कार्रवाई को लेकर भी उठे सवाल
हरे पेड़ों की कटाई को लेकर वन विभाग की अनुमति सहित अन्य नियमों के पालन पर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों ने पूरे मामले की जांच कर यह स्पष्ट करने की मांग की है कि पेड़ों की कटाई किस आदेश के तहत और किसकी अनुमति से की गई।
अब देखने वाली बात यह होगी कि नगर पंचायत प्रशासन इस मामले में क्या सफाई देता है और संबंधित विभाग द्वारा पेड़ों की कटाई की जांच कराई जाती है या नहीं।






