छत्तीसगढ़

रामअवतार जग्गी हत्याकांड: सुप्रीम कोर्ट से अमित जोगी को राहत, सीबीआई को नोटिस

रायपुर/दिल्ली। बहुचर्चित रामअवतार जग्गी हत्याकांड में Supreme Court of India से अभियुक्त Amit Jogi को बड़ी राहत मिली है। अदालत ने फिलहाल उन्हें तत्काल सरेंडर करने से छूट दे दी है और मामले में Central Bureau of Investigation (सीबीआई) को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।

यह सुनवाई जस्टिस Vikram Nath और जस्टिस Sandeep Mehta की पीठ ने की। दरअसल, Chhattisgarh High Court ने इस मामले में अमित जोगी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी और 23 अप्रैल 2026 तक सरेंडर करने के निर्देश दिए थे। हाईकोर्ट के इस आदेश को चुनौती देते हुए अमित जोगी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम राहत देते हुए तत्काल सरेंडर की शर्त को फिलहाल स्थगित कर दिया। साथ ही सीबीआई से मामले में विस्तृत जवाब मांगा गया है। इस फैसले के बाद एक बार फिर यह मामला सुर्खियों में आ गया है। मामले से जुड़े पक्षकार सतीश जग्गी ने भी इस आदेश की पुष्टि की है।

गौरतलब है कि यह मामला 4 जून 2003 का है, जब Ram Avtar Jaggi की Raipur में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड ने उस समय प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी थी और इसे एक बड़ी राजनीतिक साजिश से जोड़कर देखा गया था। जांच के दौरान कई अहम तथ्य सामने आए, जिसके आधार पर अदालत ने फैसला सुनाया।

करीब 23 साल पुराने इस मामले में 2026 में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने फैसला सुनाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री Ajit Jogi के बेटे अमित जोगी को दोषी ठहराया और उन्हें उम्रकैद की सजा दी। हालांकि, इस फैसले के खिलाफ अब सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी है और अंतिम निर्णय अभी बाकी है।

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