छत्तीसगढ़

दिखी पुरानी संस्कृति की झलक: बैलगाड़ी में बारात लेकर पहुंचा दूल्हा, लोगों ने की सराहना

कांकेर। बढ़ती महंगाई और आधुनिक जीवनशैली के बीच छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के मुसुरपुट्टा गांव से एक खास और प्रेरणादायक दृश्य सामने आया है। यहां एक शादी में पुरानी संस्कृति की अनूठी झलक देखने को मिली, जब दूल्हा बैलगाड़ी में सवार होकर बारात लेकर निकला।

मुसुरपुट्टा गांव के कश्यप परिवार में यह शादी हो रही थी, जिसमें पेशे से बस चालक दूल्हे ने आधुनिक साधनों को छोड़कर बैलगाड़ी से बारात निकालने का फैसला किया। यही नहीं, गांव के बाराती भी पांच अलग-अलग बैलगाड़ियों में सवार होकर बारात में शामिल हुए।

गांव के लोगों और मेहमानों ने इस पहल की खूब तारीफ की। उनका कहना है कि यह न सिर्फ पर्यावरण के प्रति जागरूकता दर्शाता है, बल्कि ग्रामीण संस्कृति और परंपराओं को संजोने का भी संदेश देता है।

इस तरह की पहलें दिखाती हैं कि आज के समय में भी लोग अपनी जड़ों और संस्कृति से जुड़े रहने का प्रयास कर रहे हैं। गांववासियों का कहना है कि ऐसी शादियां समाज को परंपराओं की अहमियत और सरल जीवनशैली की ओर लौटने की प्रेरणा देती हैं।

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