छत्तीसगढ़

विधायक का अफसरों पर तीखा हमला: “जनता का श्राप गुरूर तोड़ देगा”, वीडियो वायरल

बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में सुशासन तिहार के मंच से प्रतापपुर विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते ने अधिकारियों पर जमकर नाराजगी जताई। राजस्व मामलों में देरी और जनता की समस्याओं के समाधान में लापरवाही को लेकर उन्होंने अफसरों को कड़ी नसीहत दी। इस दौरान उनका बयान और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

वाड्रफनगर ब्लॉक में 8 मई को आयोजित सुशासन तिहार के दौरान ग्रामीणों ने विधायक से शिकायत की कि जमीन सीमांकन, नामांतरण, बंटवारा और पट्टा जैसे मामलों में उन्हें बार-बार दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं, लेकिन समय पर काम नहीं हो रहा।

इस पर मंच से संबोधित करते हुए शकुंतला सिंह पोर्ते ने कहा, “पढ़-लिख लेने से कोई जनता से ऊपर नहीं हो जाता। आपके हाथ में कलम की ताकत है, लेकिन हमारे पास जनता की ताकत है। अगर लोगों का काम नहीं होगा तो वे श्राप देकर जाते हैं, और जनता का श्राप बड़े-बड़े लोगों का गुरूर तोड़ देता है।”

उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि वे सिर्फ दफ्तरों तक सीमित न रहें, बल्कि गांवों में जाकर लोगों की समस्याएं सुनें और योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाएं। विधायक ने यह भी कहा कि सरकार की कई योजनाएं लोगों का जीवन बदल सकती हैं, लेकिन उन्हें लागू करने की जिम्मेदारी अधिकारियों की है।

विधायक ने ग्रामीणों की परेशानी का जिक्र करते हुए कहा कि लोग सुबह से बसों में सफर कर दफ्तर पहुंचते हैं, घंटों इंतजार करते हैं, लेकिन काम न होने पर निराश होकर लौटते हैं। ऐसे में उन्हें राहत देना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

पहले भी दिखा था जनप्रतिनिधियों का गुस्सा

इससे पहले सामरी विधायक उद्धेश्वरी पैकरा ने भी राजपुर में भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान एसडीएम और तहसीलदार की अनुपस्थिति पर नाराजगी जताते हुए 24 घंटे में कार्रवाई की मांग की थी। उनका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।

फिलहाल बलरामपुर में यह मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

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